कोलकाता : 134वें इंडियनऑयल डूरंड कप आयोजन समिति (डीसीओसी) ने घोषणा की है कि इस वर्ष टूर्नामेंट की कुल नकद पुरस्कार राशि तीन गुना बढ़ाकर ₹3 करोड़ कर दी गई है।
यह घोषणा कोलकाता में ट्रॉफी अनावरण समारोह के दौरान की गई, जहां ‘सिटी ऑफ जॉय’ एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए तैयार है।
विजेता और उपविजेता टीमों के साथ-साथ सेमीफाइनल और क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली टीमों को भी पुरस्कार राशि में हिस्सा मिलेगा, साथ ही तीन व्यक्तिगत पुरस्कारों के लिए भी इनाम रखा गया है।
डूरंड कप की तीन ट्रॉफियों को एओआई विजय दुर्ग में प्रदर्शित किया गया, जिसमें पश्चिम बंगाल सरकार के युवा सेवा एवं खेल मंत्री अरूप बिस्वास मुख्य अतिथि थे।
इस मौके पर राजेश कुमार सिन्हा (आईएएस), प्रमुख सचिव, आवास, युवा सेवा एवं खेल विभाग, आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा विभाग, पश्चिम बंगाल सरकार;
लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा एवीएसएम, एसएम, चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्यालय पूर्वी कमान एवं डूरंड कप आयोजन समिति के अध्यक्ष; और मेजर जनरल राजेश अरुण मोगे वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग बंगाल सब एरिया एवं आयोजन समिति के उपाध्यक्ष भी उपस्थित थे।
इस ऐतिहासिक मौके पर डूरंड कप की तीन चमचमाती ट्रॉफियों, मूल डूरंड कप, 1904 में शिमला निवासियों द्वारा प्रदान की गई रोलिंग शिमला ट्रॉफी और विजेताओं को स्थायी रूप से दी जाने वाली राष्ट्रपति कप, को अनावरण किया गया।
अरूप बिस्वास ने कहा, “इस बार डूरंड कप को व्यापक मीडिया कवरेज मिलेगा और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 23 अगस्त को होने वाले ग्रैंड फिनाले में उपस्थित रहेंगी, जिससे माहौल और भी रोमांचक हो जाएगा।
मोहन बागान, ईस्ट बंगाल, मोहम्मडन एससी और डायमंड हार्बर एफसी जैसी प्रमुख क्लबों के लिए 5,000 टिकटों का कोटा निर्धारित किया गया है, ताकि स्टेडियम में दर्शकों की उत्साही मौजूदगी सुनिश्चित हो सके। हम सभी टीमों को इस ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए शुभकामनाएं देते हैं।”
राजेश कुमार सिन्हा (आईएएस) ने कहा, “कोलकाता में आयोजित होने के बाद पिछलेछह वर्षों में डूरंड कप ने अपनी पुरानी गरिमा प्राप्त की है। सरकार ने भी इस आयोजन पर ₹15 करोड़ खर्च किए हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दूरदर्शी नेतृत्व में सभी विभागों का सहयोग टूर्नामेंट के सुचारू आयोजन में अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने कहा, “इस साल टूर्नामेंट की पुरस्कार राशि ₹1.2 करोड़ से बढ़कर ₹3 करोड़ हो गई है। इसके साथ ही, तीन व्यक्तिगत पुरस्कार विजेताओं को तीन नए एसयूवी वाहन भी दिए जाएंगे।
यह हमारे देशभर से श्रेष्ठ प्रतिभा को आकर्षित करने और उत्कृष्टता को पुरस्कृत करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कोलकाता अपने जुनूनी फुटबॉल प्रेमियों, ऐतिहासिक क्लबों और शानदार संस्कृति के कारण भारत में फुटबॉल की आत्मा बना हुआ है। हम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री, राज्य खेल मंत्री, खेल विभाग और अन्य सभी विभागों का इस आयोजन में समर्थन के लिए हार्दिक आभार प्रकट करते हैं।”
मेजर जनरल राजेश अरुण मोगे ने बताया, “इस बार भी टूर्नामेंट लीग-कम-नॉकआउट प्रारूप में खेला जाएगा। कुल 24 टीमें छह ग्रुपों में बांटी गई हैं जो पांच राज्यों में मुकाबला करेंगी, जिनमें दो ग्रुप कोलकाता में खेलेंगे। कोलकाता में कुल 15 मैच होंगे, जिसमें एक क्वार्टरफाइनल, एक सेमीफाइनल और फाइनल शामिल है।
हम चार जमीनी स्तर की प्रतिभाशाली टीमों, 1-लद्दाख एफसी, साउथ यूनाइटेड एफसी, बोडोलैंड एफसी और रंगदाजीद यूनाइटेड एफसी, को इस मंच पर अवसर देने पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
हम पश्चिम बंगाल सरकार के खेल एवं अन्य संबंधित विभागों, कोलकाता पुलिस, और हमारे सभी प्रायोजकों आईओसीएल, एसबीआई, सीआईएल और सोनी के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।”
कोलकाता में दो ग्रुपों के मैच खेले जाएंगे और कुल 15 मुकाबले विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन (वीवाईबीके) और किशोर भारती क्रीड़ांगन (केबीके) में आयोजित होंगे। ग्रुप ए में इमामी ईस्ट बंगाल एफसी, इंडियन एयर फोर्स एफटी, दुरंड कप में पहली बार भाग ले रही नामधारी एफसी और बेंगलुरु स्थित साउथ यूनाइटेड एफसी शामिल हैं।
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टूर्नामेंट का उद्घाटन मुकाबला 23 जुलाई को वीवाईबीके में ईस्ट बंगाल और साउथ यूनाइटेड एफसी के बीच खेला जाएगा।
पिछले वर्ष की उपविजेता मोहन बागान सुपर जाइंट, कोलकाता की एक और प्रमुख टीम मोहम्मडन एससी, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स एफटी और डायमंड हार्बर एफसी ग्रुप बीमें खेलेंगी। मोहन बागान और मोहम्मडन एससी के बीच बहुप्रतीक्षित कोलकाता डर्बी 31 जुलाई को किशोर भारती क्रीड़ांगन में खेला जाएगा।












