विशाखापत्तनम : प्रो कबड्डी लीग के रोमांचक सीजन 12 की शुरुआत में अब सिर्फ तीन दिन बचे हैं, और इस बहुप्रतीक्षित प्रतियोगिता से पहले छह दिग्गज कोचों ने एक रणनीतिक गोलमेज चर्चा में भाग लिया, जहां उन्होंने अपने-अपने फ्रेंचाइज़ियों की गहन तैयारी और प्रबल आकांक्षाओं का खुलासा किया।
यह सीजन 29 अगस्त को विशाखा स्पोर्ट्स क्लब, विशाखापत्तनम में शुरू होगा, जहां तेलुगु टाइटन्स और तमिल थलाइवाज़ के बीच एक धमाकेदार मुकाबले से आगाज़ होगा। सीजन 12 में एक क्रांतिकारी प्ले-इन संरचना और नया प्लेयॉफ्स प्रारूप पेश किया गया है, जिसमें अब 6 की बजाय 8 टीमें क्वालिफाई करेंगी।
इससे हर मुकाबला बेहद अहम बन गया है। इसके साथ ही टाई-ब्रेकर नियम और गोल्डन रेड जैसे रोमांचक बदलाव भी जोड़े गए हैं, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखेंगे।
हरियाणा स्टीलर्स के हेड कोच और मौजूदा चैंपियंस के मार्गदर्शक मनप्रीत सिंह ने नए फॉर्मेट की सराहना करते हुए कहा, “लीग बड़ी हो रही है और फॉर्मेट बदलाव से कबड्डी भी और बड़ी हो रही है।
ये फॉर्मेट बहुत अच्छा है क्योंकि जो टीमें पीछे भी रह जाती हैं, उनके पास वापसी का मौका रहता है। हम पूरी कोशिश करेंगे कि ट्रॉफी डिफेंड कर सकें। टीम भी पिछली बार से बेहतर है – एक-दो चेहरे बदले हैं, बाकी सब वही हैं।”
बेंगलुरु बुल्स में रंधीर सिंह सेहरावत की जगह लेने वाले बीसी रमेश ने जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए कहा, “मेरे ऊपर बहुत प्रेशर है। बेंगलुरु बुल्स के फॉलोअर्स हम पर निर्भर हैं। सभी को वही उम्मीद है जैसी पहले टीमों से थी – कि यह टीम भी वैसा ही प्रदर्शन करेगी।
मेरे लिए ये एक बड़ी जिम्मेदारी है. पिछले साल प्रदर्शन बहुत खराब था, तो उसके बाद पूरी टीम बदल दी गई है और एक नई रणनीति के साथ टीम बनाई है।”
पूर्व दिग्गज खिलाड़ी और अब पटना पाइरेट्स के कोच अनूप कुमार ने फ्रेंचाइज़ी की विरासत पर बात करते हुए कहा, “पटना पाइरेट्स की विरासत बहुत अच्छी रही है, लेकिन विरासत हमेशा किसी एक टीम के साथ नहीं रहती। खिलाड़ी बदलते रहते हैं।
जब पटना ने लगातार तीन सीजन जीते, तब टीम अलग थी, कोच अलग थे। जब दो बार फाइनल में पहुंचे, तब भी टीम अलग थी। ये सीजन एक नया सीजन है – खिलाड़ी बदले हैं, कुछ पिछले सीजन से हैं, कोच भी बदला है। प्रयास यह है कि इस बार अच्छी शुरुआत हो, और जो पटना पिछले सीजन में नहीं कर पाई, वो कर दिखाएं।”
बंगाल वॉरियर्स के कोच नवीन कुमार ने अपनी टीम की युवा नीति पर रोशनी डाली, “हमने एक युवा टीम बनाने का निर्णय लिया और सभी नए चेहरे युवा हैं।
हमारी ताकत ही यही है कि ये एक युवा टीम है – क्योंकि उनमें खुद को साबित करने की भूख ज़्यादा है। हमने पिछले सीजन के बेस्ट रेडर को चुना, जो खुद भी बहुत युवा है। हमारे अधिकतर खिलाड़ी 25 से कम उम्र के हैं। उम्मीद है कि इनका प्रदर्शन हमें चौंकाएगा।”
पुनेरी पलटन के कोच अजय ठाकुर ने अपनी टीम की डिफेंस स्ट्रैटेजी को लेकर कहा, “मैं फिटनेस पर बहुत काम कर रहा हूं। मुझे लगता है जो टीम कम डिफेंसिव गलतियां करती है, वही जीतती है। जिसकी डिफेंस मजबूत होती है, वही चैंपियन बनती है। मैं कोशिश कर रहा हूं कि हमारी डिफेंस मजबूत हो, रेडर भी डिफेंस में सपोर्ट करें। डिफेंस ही मैच जिताती है।”
वहीं, सीजन का पहला मैच घर से बाहर खेल रही तमिल थलाइवाज़ के कोच संजीव बालयन ने बिना किसी दबाव के खेलने की बात कही, “हर कोच जीतना चाहता है, और हम भी चाहते हैं। दोनों टीमें अच्छी हैं – तेलुगु टाइटन्स अच्छी है, लेकिन हम भी अच्छे हैं। देखेंगे कौन अच्छी शुरुआत करता है, कौन जीतता है।
कोई प्रेशर नहीं है, क्योंकि प्रेशर है ही नहीं। जब मैट पर खेलते हैं, तब ये नहीं पता चलता कि दर्शक क्या कह रहे हैं। प्रेशर सिर्फ जीतने से आता है।” सभी कोच इस बात पर एकमत रहे कि यह सीजन प्रो कबड्डी लीग के इतिहास का सबसे प्रतिस्पर्धी होगा।
हर टीम को लगता है कि वह चैंपियन बनने की काबिलियत रखती है और नए प्लेऑफ फॉर्मेट के चलते लीग स्टेज की अंतिम सीटी तक हर टीम रेस में बनी रहेगी।
कबड्डी अब अपने पारंपरिक रूप से एक हाई-ऑक्टेन, फिटनेस-ओरिएंटेड और रणनीति-प्रधान मुकाबले में बदल चुकी है – और सीजन 12 इसका सर्वोच्च उदाहरण बनने वाला है।
लीग स्टेज की शुरुआत होगी 29 अगस्त को, जहां पहले मुकाबले में तेलुगु टाइटन्स बनाम तमिल थलाइवाज़, और इसके बाद बेंगलुरु बुल्स बनाम पुनेरी पलटन का महामुकाबला खेला जाएगा – दोनों मुकाबले विशाखा स्पोर्ट्स क्लब, विशाखापत्तनम में होंगे।
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