अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस एसकेडी एकेडमी की सभी शाखाओं में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ ने मिलकर यह संदेश दिया कि साक्षरता प्रगति और सशक्तिकरण की नींव है।
कार्यक्रम की शुरुआत एक विशेष सभा से हुई, जिसमें छात्रों ने भाषण, कविता और नाटक प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों का विषय था – “समानता और विकास का साधन के रूप में साक्षरता”।
इस अवसर पर एसकेडी ग्रुप के निदेशक मनीष सिंह ने कहा कि “भारत की कुल साक्षरता दर 80.9 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, लेकिन लैंगिक और ग्रामीण–शहरी अंतर हमें याद दिलाते हैं कि अभी भी बहुत काम किया जाना बाकी है। उत्तर प्रदेश में, जहाँ महिला साक्षरता दर अभी भी पीछे है, वहाँ प्रत्येक उपलब्धि समाज के लिए एक बड़ी सफलता है।”
मनीष सिंह ने उत्तर प्रदेश में महिला उच्च शिक्षा में बढ़ते नामांकन, विद्यालयी बच्चों में मजबूत होती बुनियादी शिक्षा और उन्नत विद्यालयी ढाँचे की सराहना की।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना सशक्त और विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता और 2047 का विज़न तब तक अधूरा रहेगा जब तक साक्षरता हर घर तक नहीं पहुँचती। उन्होंने परिवारों, शिक्षकों और नीति-निर्माताओं से मिलकर शिक्षा को वास्तव में समावेशी बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन छात्रों और शिक्षकों द्वारा यह संकल्प लेते हुए हुआ कि वे साक्षरता का प्रकाश फैलाएँगे और समान शिक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करेंगे।
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