2047 तक विकसित उत्तर प्रदेश के लिए विभागों ने रखा ब्लूप्रिंट

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लखनऊ। 2047 तक उत्तर प्रदेश कैसे विकसित होगा, इसको लेकर सोमवार को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों ने मंथन किया।

योजना भवन में चली इस बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव की। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चली इस बैठक में संबंधित विभागों ने विकसित यूपी@2047 अभियान के तहत विकसित यूपी के लिए अपना रोडमैप प्रस्तुत किया।

अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव की अध्यक्षता में योजना भवन में आयोजित की गई बैठक

नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण में बताया कि उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में किस तरह से हर ग्रामीण घर तक नल से जलापूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ जल संरक्षण, जल संचयन के क्षेत्र में काम कर रहा है। जिससे भविष्य में भी सभी को स्वच्छ जलापूर्ति की जा सके।

नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हर घर नल योजना के तहत बुंदेलखंड में 90 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण घरों तक स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। साथ ही अगले कुछ वर्षों में हर ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचाने की योजना पर तेज गति से काम किया जा रहा है।

बैठक में नमामि गंगे, पंचायती राज, ग्राम्य विकास विभाग ने विकसित यूपी अभियान के तहत रखा रोडमैप

बैठक का विशेष फोकस ग्रामीण विकास पर रहा। विकसित यूपी अभियान के तहत नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास विभाग के रोडमैप और उनके क्रियान्वयन के लिए अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव को नोडल नामित किया गया है।

इस बैठक में प्रमुख सचिव नियोजन आलोक कुमार, एमडी जल निगम ग्रामीण डॉ. राजशेखर, निदेशक पंचायती राज अमित कुमार सिंह, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक प्रभाष कुमार समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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