लखनऊ: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर एसकेडी एकेडमी की सभी शाखाओं ने, वृंदावन योजना में एक भव्य सांस्कृतिक एवं सामाजिक उत्सव का आयोजन किया, जिसमें पारंपरिक उल्लास के साथ राष्ट्रीय गौरव की भावना का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
राष्ट्रीय सेना दिवस के साथ यह आयोजन एक द्वैध उत्सव के रूप में मनाया गया, जहां एक ओर फसल पर्व की खुशियां थीं, वहीं दूसरी ओर भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को नमन किया गया।
इस विशेष अवसर पर विद्यालय के छात्र, अभिभावक, शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य पारंपरिक वेश-भूषा में सजे-धजे नजर आए, जिससे परिसर में भारतीय संस्कृति की अनुपम झलक देखने को मिली। सभी ने परंपरागत खिचड़ी के आनंद भोज का भरपूर लुत्फ उठाया तथा एक-दूसरे के उज्ज्वल और सुनहरे भविष्य की कामना भी की।
विद्यालय परिसर उत्साह और उमंग से सराबोर रहा। अभिभावकों ने पतंगबाजी का आनंद लिया, वहीं परिवारों और छात्रों ने रंग-बिरंगी पतंग सजावट प्रतियोगिता में अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
लोकगीतों की मधुर प्रस्तुतियों ने वातावरण को संगीतमय बना दिया, जबकि बच्चों के लिए बनाए गए आकर्षक गेमिंग ज़ोन ने उनकी खुशियों को दोगुना कर दिया।
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सेवा और समर्पण की भावना को आत्मसात करते हुए विद्यालय द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया। इसके साथ ही जरूरतमंदों एवं एसकेडी समूह के समर्पित सहायक स्टाफ के लिए कंबल वितरण कार्यक्रम भी संपन्न हुआ।
इस अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों को विशेष श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिससे विद्यार्थियों में देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक संवेदनशीलता की भावना और अधिक प्रबल हुई।
सभा को संबोधित करते हुए एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के निदेशक मनीष सिंह ने कहा कि “एसकेडी इंटरनेशनल स्कूल आधुनिक शिक्षा, राष्ट्रवाद और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम है। हमारा उद्देश्य ऐसे जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है जो अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए वैश्विक मंच पर भारत का नाम रोशन करें।”
उन्होंने आगे बताया कि यही समग्र और दूरदर्शी सोच उनकी नवीन पहल — अवध विहार योजना (सेक्टर-9) में स्थापित एसकेडी इंटरनेशनल स्कूल — की आधारशिला है, जहां भारतीय मूल्यों के साथ विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान की जाएगी।
मकर संक्रांति के संदेश को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि “जैसे सूर्य उत्तरायण की ओर अग्रसर होता है, वैसे ही हमें भी अपने विचारों और कर्मों को ऊंचा उठाना चाहिए।
इस मकर संक्रांति पर हम एक-दूसरे के स्वास्थ्य, सफलता और समृद्धि की कामना करें। आपसी सम्मान, सौहार्द और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें, ताकि सभी के लिए एक उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य का निर्माण हो सके।”
समारोह का समापन उल्लासपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में हुआ, जहां नव-प्रारंभित अवध विहार योजना शाखा में प्रवेश प्रारंभ होने की आधिकारिक घोषणा भी की गई। पूरे कार्यक्रम ने मकर संक्रांति के सांस्कृतिक महत्व, सामाजिक सरोकार और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।










