रणजी ट्रॉफी 2025-26 में उत्तर प्रदेश का अभियान अंतिम मोड़ पर है, लेकिन नागपुर में विदर्भ के खिलाफ खेला जा रहा विदाई मुकाबला टीम के लिए एक कड़ी चेतावनी बनकर सामने आया है। पहले ही दिन मुकाबले ने साफ कर दिया कि यह सिर्फ हार-जीत की कहानी नहीं, बल्कि रणनीति, तैयारी और मानसिक मजबूती की भी परीक्षा है।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला यूपी के लिए भारी पड़ गया। विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम की पिच पर लेफ्ट आर्म स्पिनर हर्ष दुबे ने शुरुआती सत्र में ही यूपी की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उनकी सधी हुई लाइन-लेंथ और लगातार दबाव के सामने यूपी का टॉप और मिडिल ऑर्डर पूरी तरह बिखर गया।
लंच से पहले ही यूपी के चार प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। अभिषेक गोस्वामी (14), माधव कौशिक (4), कप्तान आर्यन जुयाल (12) और आदित्य शर्मा (18) बड़ी शुरुआत को छोटे स्कोर में तब्दील कर बैठे। 50 रन पर चार विकेट गिरने के बाद यूपी की पारी कभी पटरी पर लौट ही नहीं सकी।
इसके बाद सिद्धार्थ यादव (19) और शिवम शर्मा (1) के विकेट गिरने से संकट और गहराया। लगातार विकेटों के बीच ध्रुव जुरेल एक बार फिर जिम्मेदारी निभाते नजर आए। जुरेल ने कठिन हालात में संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाते हुए विदर्भ के गेंदबाजों का डटकर सामना किया।
छठे विकेट के लिए ध्रुव जुरेल और शिवम मावी के बीच हुई 92 रनों की साझेदारी ने यूपी को पूरी तरह बिखरने से बचाया। मावी ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए 47 रन जोड़े, लेकिन ऑफ स्पिनर यश कदम ने उन्हें आउट कर इस अहम साझेदारी को तोड़ दिया।
दिन का सबसे निर्णायक पल तब आया जब हर्ष दुबे ने जुरेल को आउट किया। 96 रन बनाकर जुरेल नर्वस नाइंटी का शिकार हुए और रणजी सीजन के अपने तीसरे शतक से सिर्फ चार रन दूर रह गए।
उनकी पारी यूपी की पहली पारी की रीढ़ साबित हुई, जो किसी तरह 237 रन तक पहुंच सकी। कार्तिक यादव 17 रन बनाकर नाबाद लौटे। जवाब में विदर्भ ने दिन का खेल समाप्त होने तक बिना किसी नुकसान के 33 रन बना लिए।
अमन मोखाडे (19) और सत्यम भोयार (13) ने संभलकर शुरुआत करते हुए यूपी के स्कोर का दबाव कम करने की दिशा में पहला कदम बढ़ाया। फिलहाल विदर्भ यूपी से 204 रन पीछे है, लेकिन पहले दिन की तस्वीर ने मुकाबले का पलड़ा घरेलू टीम की ओर झुका दिया है।
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