लखनऊ। सूर्य कमान और मध्य वायु कमान के बीच भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना का वार्षिक संयुक्त सम्मेलन, एक्सरसाइज समन्वय, 29 से 30 जनवरी 2026 तक केंद्रीय कमान मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित किया गया।
इस सम्मेलन का लक्ष्य विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त परिचालन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए थल सेना और वायु सेना के संसाधनों के कुशल और इष्टतम उपयोग के माध्यम से उच्चतम स्तर का तालमेल हासिल करना था। इसने अंतर-सेवा समन्वय को मजबूत करने और संयुक्त परिचालन प्रभावशीलता को बढ़ाने के लिए एक केंद्रित मंच प्रदान किया।
सम्मेलन की संयुक्त अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, सूर्या कमान और एयर मार्शल बालकृष्णन मणिकांतन, एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, मध्य वायु कमान ने की। थल सेना और वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने संरचित, स्पष्ट और भविष्योन्मुखी विचार-विमर्श में भाग लिया।
इस सम्मेलन में उपस्थित वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों में लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा, चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्यालय मध्य कमान, लेफ्टिनेंट जनरल दिव्य गौरव मिश्रा, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मुख्यालय उत्तर भारत और एयर वाइस मार्शल आदित्य कुमार वाट, एवीएसएम, वीएम, वायु रक्षा कमांडर, मुख्यालय मध्य वायु कमान शामिल थे, जो दोनों कमानों के बीच मजबूत परिचालन तालमेल को दर्शाता है।
पेशेवर चर्चाओं में मौजूदा परिचालन चुनौतियों का समाधान करने, संयुक्त योजना तंत्रों में सुधार करने, अंतर-संचालनीयता बढ़ाने और क्षमता विकास को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
प्रमुख मुद्दों में मानवरहित हवाई प्रणालियों का बढ़ता प्रसार और उनके प्रतिकार उपाय शामिल थे, जो पारंपरिक अभियानों के साथ-साथ ग्रे ज़ोन संघर्षों में उनकी बढ़ती प्रासंगिकता को उजागर करते हैं।
अपने संबोधन में, सूर्या कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने बुनियादी ढांचे के विकास और क्षमता वृद्धि के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने भविष्य के लिए तैयार बल के निर्माण हेतु प्रशिक्षण और रणनीति में प्रौद्योगिकी समावेशन के उद्देश्य से चल रही पहलों पर प्रकाश डाला।
मध्य वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने सभी हितधारकों द्वारा हवाई माध्यम के इष्टतम उपयोग के लिए प्रभावी हवाई क्षेत्र प्रबंधन की महत्ता पर बल दिया। दोनों कमांडरों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दोनों सेवाओं के निर्बाध और समन्वित कामकाज पर प्रकाश डाला।
एक्सरसाइज समन्वय ने एक एकजुट और एकीकृत बल के रूप में कार्य करने के लिए भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के साझा संकल्प की पुष्टि की। सम्मेलन के परिणामों से जॉइन्ट्नेस को और मजबूत करने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों को एकजुट प्रयास और स्पष्ट उद्देश्य के साथ पूरा करने की तैयारी सुनिश्चित करने की उम्मीद है।
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