चंडीगढ़ : राउंडग्लास टेनिस अकादमी के एथलीट दिग्विजय प्रताप सिंह ने अजरबैजान के बाकू में आईटीएफ मेन्स वर्ल्ड टेनिस टूर एम15 का पुरुष एकल खिताब अपने नाम कर लिया है।
दूसरी वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी (एटीपी 552) ने रविवार को खेले गए फाइनल में टूर्नामेंट के शीर्ष वरीयता प्राप्त ग्रेट ब्रिटेन के मिलन हुरियन (एटीपी 537) के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए सीधे सेटों में 6-4, 6-4 से जीत दर्ज की। आरजीटीए के इस एथलीट के लिए यह जीत भावनात्मक रूप से बेहद खास रही।
दिग्विजय ने अपना यह खिताब अपने दादा जी को समर्पित किया, जिनका 1 अक्टूबर को टूर्नामेंट के बीच में निधन हो गया था। इस गहरे व्यक्तिगत दुख के बावजूद, सिंह ने शानदार मानसिक दृढ़ता का परिचय देते हुए कठिन ड्रॉ में लगातार मजबूत प्रदर्शन किया और सप्ताह का अंत चैंपियन के रूप में किया।
उन्होंने हार्डकोर्ट पर अपने अभियान की शुरुआत पहले दौर में रूस के दिमित्रीबेसोनोव को 6-1, 6-4 से हराकर की।इसके बाद राउंड ऑफ 16 में उन्होंने ग्रेट ब्रिटेन के ऑस्करब्राउन को 6-3, 7-6 से हराया। क्वार्टर फाइनल में अपनी लय को बरकरार रखते हुए उन्होंने तुर्की के अरदाअज़कारा को 7-5, 7-6 से मात दी।
टूर्नामेंट में उनकी सबसे कठिन परीक्षा सेमीफाइनल में ग्रेटब्रिटेन के सातवीं वरीयता प्राप्त मार्कसवाल्टर्स के खिलाफ हुई। तीन सेटों तक चले बेहद कड़े और उतार-चढ़ाव भरे मुकाबले में दिग्विजय ने दो अहम टाई-ब्रेक के दौरान अपना संयम बनाए रखा और अंततः 7-6, 4-6, 7-6 से शानदार जीत दर्ज करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भावनात्मक और कड़े संघर्ष के बाद मिली यह जीत इस सीजन में आईटीएफ सर्किट पर राउंडग्लास टेनिस अकादमी के शानदार प्रदर्शन की कड़ी को आगे बढ़ाती है। साथ ही, यह जीत अकादमी को एलीट भारतीय टेनिस प्रतिभाओं को विकसित करने और समर्थन देने वाले एक प्रमुख केंद्र के रूप मंिऔर मजबूती से स्थापित करती है।













