हाईलाइट्स
- आईएचएफ नेशंस ट्रॉफी के फाइनल में बांग्लादेश को 28-16 से दी शिकस्त
- भारत ने एशियाई महिला हैंडबॉल चैंपियनशप के लिए किया क्वालीफाई
- टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनी गई भावना
नई दिल्ली। भारतीय महिला हैंडबॉल टीम ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका में महिला आईएचएफ नेशंस ट्रॉफी – एशिया जोन II टूर्नामेंट का खिताब जीतकर तिरंगा लहरा दिया। भारतीय टीम ने 22 अक्टूबर को खेले गए फाइनल में मेजबान बांग्लादेश को 28–16 गोलों से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
इस जीत के साथ भारत ने आगामी एशियाई महिला हैंडबॉल चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई भी कर लिया। पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रही भारतीय टीम ने आक्रामक खेल दिखाया तो रक्षापंक्ति ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इस उपलब्धि के बाद भारतीय महिला हैंडबॉल टीम का भारत वापसी के बाद नई दिल्ली में आईजीआई एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया।
इंटरनेशनल हैंडबॉल फेडरेशन (आईएचएफ) के तत्वावधान में बांग्लादेश हैंडबॉल फेडरेशन द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में राउंड रॉबिन मुकाबलों के बाद शीर्ष दो टीमों के बीच खिताबी भिड़ंत हुई, जिसमें भारत ने बांग्लादेश को हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
फाइनल में भारत ने शुरू से बनाए रखा दबदबा
फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही अपनी पकड़ मजबूत रखी। तेज आक्रमण और सटीक गोल करने की रणनीति के दम पर भारत ने पहले हाफ तक 14–9 की बढ़त बना ली।
दूसरे हाफ में भी भारतीय टीम ने लय बरकरार रखी और बांग्लादेश को वापसी का मौका नहीं दिया। अंततः भारत ने 28–16 से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया।
फाइनल की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में रहीं भारत की भावना ने 11 गोल किए। पूरे टूर्नामेंट में उनके खाते में कुल 43 गोल रहे।
इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी के साथ टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी यानी मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर की ट्रॉफी भी मिली। दूसरी ओर खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाने वाली टीम की कप्तान और गोलकीपर दीक्षा ठाकुर को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
जागृति देवी और प्रियंका ठाकुर को भी मिले पुरस्कार
भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआती मुकाबलों में भी अपना दमखम दिखाया। मालदीव के खिलाफ भारत की जीत में जागृति देवी ने शानदार प्रदर्शन किया। उनके साथ नेपाल के खिलाफ मुकाबले में प्रभावशाली खेल दिखाने वाली प्रियंका ठाकुर को भी मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का पुरस्कार मिला।
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का दबदबा
भारतीय महिला टीम ने मालदीव के खिलाफ 40–8 की बड़ी जीत के साथ शुरुआत की। इसके बाद 19 अक्टूबर को मेजबान बांग्लादेश को 47–13 से हराकर अपनी ताकत का परिचय दिया।
20 अक्टूबर को नेपाल के खिलाफ 26–11 की जीत के साथ भारत ने फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं तीसरे स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में नेपाल ने 21 अक्टूबर को मालदीव को 27–15 से हराकर कांस्य पदक हासिल किया।
स्वर्णिम सफलता से भारत में महिला हैंडबॉल को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद
भारतीय महिला टीम की इस सफलता से देश में महिला हैंडबॉल को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। हैंडबॉल एसोसिएशन इंडिया के कार्यकारी निदेशक डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय सहित भारतीय हैंडबॉल से जुड़े पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों, खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों ने टीम के प्रदर्शन की सराहना की।
भारतीय हैंडबॉल के विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की भागीदारी से जुड़े प्रमुख खेल प्रशासकों में शामिल डॉ. आनन्देश्वर पाण्डेय ने बताया कि इस खिताबी जीत के साथ भारतीय टीम ने आगामी एशियाई महिला हैंडबॉल चैंपियनशिप के लिए भी अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। यह प्रतियोगिता 23 नवंबर से 3 दिसंबर 2026 तक कजाखस्तान में आयोजित होगी।
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एसोसिएशन के अंतरिम अध्यक्ष मनोज कोटक और महासचिव तेजराज सिंह सहित अन्य पदाधिकारी भी भारतीय हैंडबॉल को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों से जुड़े हैं। सबने टीम की इस जीत में खिलाड़ियों सहित मुख्य प्रशिक्षक सचिन चौधरी और सहयोगी स्टाफ को उनकी भूमिका के लिए जमकर सराहा।












