लखनऊ। संत-महात्माओं और सैकडों श्रद्धालुओं ने सप्तचंडी महायज्ञ में पूर्णाहुति देकर लोक कल्याण की कामना की। सभी ने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत कपिलेश्वर पुरी और ब्रह्मलीन ऑल इंडिया 16 सरकार अजब पुरी महाराज को पुष्पांजलि अर्पित की।
बुधवार को श्री बंदी माता मंदिर के 41वें वार्षिक अनुष्ठान में देशभर के साधु-संतों का जमावडा हुआ। संत सम्मेलन और विशाल भंडारे में संत-महात्मा शामिल हुए। सातवें दिन का आरंभ सुबह सप्तचंडी महायज्ञ से हुआ।
शाम को वृंदावन की कथा व्यास रोली शास्त्री ने श्रीमद्भावगत कथा कही। मथुरा के कलाकारों ने रासलीला में विभिन्न प्रसंगों में भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का बखान किया।
श्री बंदीमाता मंदिर का वार्षिक अनुष्ठान में दी पुर्णाहुति, हुआ संत सम्मेलन
महंत मनोहर पुरी जी महाराज ने बताया कि इस वार्षिक अनुष्ठान में झांसी, जबलपुर, उज्जैन, हरिद्वार, महाराष्ट्र, राजस्थान, कानपुर, नासिक सहित अनेक स्थलों से साधु-संतों का आगमन हुआ।
संत सम्मेलन श्री बंदी माता मंदिर अखाडा समिति के अध्यक्ष व पंचदशनाम जूना अखाडा के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत देवेंद्र पुरी महाराज के सानिध्य में हुआ।
पार्षद रणजीत सिंह के संयोजन में हुए समारोह में मंगलवार को महामंडलेश्वर स्वामी विनोदनंद पुरी महाराज, मानस मर्मज्ञ गोकरण पुरी महाराज, ब्रह्मदेव पुरी, थानापति राजूपुरी, थानापति भूपेंद्र पुरी,
श्री बंदीमाता मंदिर अखाडा समिति की संगठन मंत्री और पंचदशनाम जूना अखाडा की महंत पूजापुरी, पूर्व पार्षद रेखा रोशनी, महंत भूपेंद्र पुरी, पुजारी भास्कर पुरी, यज्ञाचार्य प्रदीप पंचाल सहित अन्य साधुसंत शामिल हुए।
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सप्तचंडी महायज्ञ बंदीमाता मंदिर महाराज रोशनपुरी, सप्तचण्डी यज्ञाचार्य महंत शिवानन्द पुरी व आचार्य प्रदीप पंचाल सहित अनेक ब्राह्मणों के सानिध्य में हुआ।