मुंबई में महान गायिका आशा भोसले को सोमवार को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनका अंतिम संस्कार शिवाजी पार्क में संपन्न हुआ, जहां उनके बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।
इस भावुक क्षण के साथ एक युग का अंत हो गया। पंचतत्व में विलीन होने से पहले आशा ताई को मुंबई पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं।
इससे पहले, आशा भोसले की अंतिम यात्रा उनके मुंबई स्थित निवास ‘कासा ग्रांडे’ से शुरू हुई थी। उनके पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ तिरंगे में लपेटा गया और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। जैसे ही शव वाहन शिवाजी पार्क की ओर बढ़ा, रास्ते भर हजारों लोग सड़कों के किनारे खड़े होकर उन्हें अंतिम विदाई देते नजर आए। सुबह से ही उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।
फैंस, फिल्मी सितारे, राजनेता और संगीत जगत की कई बड़ी हस्तियों ने वहां पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इनमें अमिताभ बच्चन, रणवीर सिंह, जैकी श्रॉफ, रितेश देशमुख, उदित नारायण और सचिन तेंदुलकर जैसे प्रमुख नाम शामिल रहे। राजनीतिक जगत से भी कई दिग्गज अंतिम विदाई में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया, वहीं देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। महाराष्ट्र सरकार ने भी उनके सम्मान में विशेष श्रद्धांजलि दी और उनके नाम पर एक संस्था स्थापित करने का निर्णय लिया।
अगर उनके जीवन पर नजर डालें, तो आशा भोसले का करियर अपने आप में एक मिसाल रहा है। उन्होंने लगभग 82 वर्षों तक संगीत की दुनिया में सक्रिय रहते हुए 12 हजार से अधिक गाने गाए। हिंदी के अलावा उन्होंने मराठी, कन्नड़, भोजपुरी समेत कई भाषाओं में अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेरा।
आशा भोसले को 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड सहित 100 से ज्यादा सम्मान प्राप्त हुए। उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था। उनके गाए गीत जैसे ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘ओ हसीना जुल्फों वाली’ और ‘ये मेरा दिल’ आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं, जितने अपने समय में थे। उनकी आवाज में एक अनोखा जादू था, जो हर गीत को खास बना देता था।
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