लखनऊ। राजधानी के अबू हुबैदा लक्ष्मण अवार्डी ने 10 से 15 दिसम्बर 2024 तक मनामा, बहरीन में आयोजित बहरीन पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल लेवल 1 प्रतियोगिता में पुरुष युगल में प्रेम कुमार आले के साथ स्वर्ण पदक और शशांक कुमार पुरुष एकल और मिश्रित युगल में अम्मू मोहन के साथ कांस्य पदक जीतने में कामयाब रहे ।
बहरीन पैरा बैडमिंटन : भारतीय शटलरों ने 3 स्वर्ण सहित 27 पदकों पर किया कब्जा
बहरीन में आयोजित प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 27 पदक (3 स्वर्ण, 7 रजत और 17 कांस्य) जीतकर देश का नाम रोशन किया।
वहीं जीत के बाद अबू बताते है कि इस प्रतियोगिता ने वर्ल्ड के टॉप 12 को ही जगह मिलती है जिसमें क्वालीफाई करना ही बहुत बड़ी चुनौती होती है और स्वर्ण पदक जीतना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
पुरुष युगल में अबू हुबैदा और प्रेम कुमार आले की जोड़ी ने फाइनल मुकाबले में स्विटजरलैंड के लुका ओल्गैति व इटली के यूरी फेरीगनो को 21-17, 21-10 से हराकर स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा।
वहीं लखनऊ के शशांक कुमार ने पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जर्मनी के थॉमस व्हेडरशील्ड, पैरालंपिक कांस्य पदक 2024 से 21-13, 15-21, 11-21 से हारकर कांस्य पदक जीता।
मिश्रित युगल में शशांक कुमार और अम्मू मोहन की जोड़ी सेमीफाइनल में स्विटजरलैंड की रिंगली ओल्गैति व कोरिया के पार्क से हारकर कांस्य पदक से सन्तोष करना पड़ा । अबू हुबैदा और शशांक कुमार जून, 2025 में हो रहे एशियन पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप 2025 में पदक जीतने के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे।
वहीं भारतीय पैरा बैडमिंटन टीम के कोचों और खिलाड़ियों ने इस सफलता को भारतीय खेलों में एक नया मील का पत्थर बताया। 27 पदकों के साथ भारतीय टीम ने विश्व स्तर पर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।