बिजॉय वर्गीज़: पुल्लुविला की रेत से भारत की नीली जर्सी तक का सफर

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कोच्चि, केरल : बिजॉय वर्गीज़ की राष्ट्रीय टीम तक की यात्रा किसी स्टेडियम से नहीं, बल्कि समुद्र किनारे की रेत से शुरू होती है। “मैं तिरुवनंतपुरम के एक तटीय इलाके पुल्लुविला से आता हूं, और मेरा घर समुद्र के पास है। मैंने बचपन में रेत पर ही फुटबॉल खेलना शुरू किया,” वे कहते हैं।

केरल के समुद्री किनारे नंगे पांव खेलता एक छोटा बच्चा—यह तस्वीर आज के उस खिलाड़ी से बिल्कुल अलग है, जो
26 साल की उम्र में केरल में ही ब्लू टाइगर्स कैंप का हिस्सा है। इस सफर में एक खास भावनात्मक जुड़ाव भी झलकता है।

पंजाब एफसी के लिए खेलने वाले सेंटर-बैक बिजॉय को 31 मार्च को कोच्चि में होने वाले एएफसी एशियन कप 2027 क्वालीफायर (फाइनल राउंड) में हांगकांग के खिलाफ मुकाबले के लिए भारत की 23 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है।

“यह पहली बार है जब मुझे किसी भी स्तर पर राष्ट्रीय टीम में बुलाया गया है। मुझे इस कैंप से बहुत कुछ सीखना है,”
उन्होंने कहा। हर खिलाड़ी के लिए पहला कॉल-अप खास होता है, लेकिन बिजॉय के लिए यह सफर यादों, जगह और अपनापन—तीनों का मेल है।

“केरल में मेरा पहला कैंप मेरे लिए बहुत खास है। मेरे परिवार ने मुझे कभी खेलते नहीं देखा, इसलिए अगर मुझे
खेलने का मौका मिला तो यह उनके लिए भी बहुत बड़ा पल होगा,” वे कहते हैं। अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बिजॉय बताते हैं कि कैसे वे रेत पर खेलने वाले एक साधारण बच्चे से पेशेवर खिलाड़ी बने।

“स्कूल जॉइन करने के बाद मैंने खेल की बुनियादी बातें सीखीं और मैदान पर खेलना शुरू किया। अलग-अलग कोचों से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला,” उन्होंने बताया। उनके करियर में असली बदलाव किशोरावस्था में आया।
“मेरे लिए टर्निंग पॉइंट तब आया जब मैंने कोवलम एफसी के लिए यूथ लीग खेली। वहीं से मैं प्रोफेशनल सर्किट में
आया।”

इसके बाद तिरुवनंतपुरम में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एसएआई) में बिताया समय उनके लिए बेहद अहम रहा। “एसएआई में मैंने खेल के प्रति प्रोफेशनल रवैया सीखा। इसके बाद मैं कॉलेज गया, लेकिन जब ईस्ट बंगाल एफसी से ट्रायल का कॉल आया, तो मैंने कुछ बेहतरीन कोचों के साथ काम किया और खेल को बेहतर समझा। उसी समय मैंने कॉलेज छोड़कर फुल-टाइम प्रोफेशनल बनने का फैसला किया।”

बिजॉय को 2021-22 सीजन में केरल ब्लास्टर्स ने साइन किया, जहां वे टीम के साथ आइएसएल कप के रनर-अप
रहे। इसके बाद वे 2023 से 2025 तक इंटर काशी का हिस्सा रहे और पिछले सीजन में उनकी खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई।

2025-26 सीजन में पंजाब एफसी के साथ जुड़ना उनके करियर का नया अध्याय साबित हुआ। “मेरे कोच (पनागियोटिस डिल्मपेरिस) ने मेरी बहुत मदद की। वह हमेशा कहते थे कि मैं जल्द ही राष्ट्रीय टीम में डेब्यू
करूंगा। उनके विश्वास के लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं,” उन्होंने कहा।

राष्ट्रीय टीम में चयन की खबर भी उनके लिए किसी फिल्मी पल से कम नहीं थी। “मैं अपने कमरे में था जब मुझे कॉल आया। यह राष्ट्रीय टीम के कोच महेश (गवाली) का था। पहले मुझे लगा यह मजाक है, इसलिए मैंने सामान्य तरीके से बात की।

फिर मुझे समझ आया कि यह मजाक नहीं है। इसके बाद मेरी वीडियो कॉल कोच खालिद और महेश के साथ हुई,
जिन्होंने बताया कि मेरा चयन हो गया है। मैंने तुरंत घर पर सबको फोन किया और सभी बहुत खुश थे,” उन्होंने
बताया।

अब बिजॉय का पूरा ध्यान इस मौके को जीने और हर ट्रेनिंग सत्र का अधिकतम फायदा उठाने पर है। “अगर मुझे डेब्यू करने का मौका मिलता है, तो मैं अपनी खुशी शब्दों में बयान नहीं कर सकता। यह मेरे परिवार के
लिए सबसे बड़ा तोहफा होगा,” वे कहते हैं।

“केरल के लोग मेरे अपने हैं। मुझे पता है कि वे हमें सपोर्ट करने आएंगे। अगर मुझे खेलने का मौका मिला, तो मैं अपना 100 प्रतिशत दूंगा। फैंस का समर्थन हमें अतिरिक्त प्रेरणा देगा,” बिजॉय ने कहा।

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