सीएसआईआर-सीडीआरआई की 8वीं नोबेल संगोष्ठी में वैज्ञानिक उपलब्धियों पर मंथन

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लखनऊ: राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर, सीएसआईआर–केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (CSIR-CDRI), लखनऊ में 8वीं सीएसआईआर-सीडीआरआई नोबेल संगोष्ठी का आयोजन मुख्य सभागार में किया गया।

यह संगोष्ठी विद्यार्थियों द्वारा विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य युवाओं को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक उपलब्धियों से परिचित कराना और उनमें वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना था।

यह कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय युवा दिवस के साथ आयोजित किया गया, जिससे युवाओं को ज्ञान, नवाचार और आत्मनिर्भरता के मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया गया।

संगोष्ठी के माध्यम से छात्रों को यह समझने का अवसर मिला कि विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त शोध समाज और भविष्य के लिए किस प्रकार उपयोगी होते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राधा रंगराजन, निदेशक, सीएसआईआर-सीडीआरआई, लखनऊ ने की। अपने स्वागत संबोधन में उन्होंने युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे मंच छात्रों को आत्मविश्वास, नेतृत्व और संवाद कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।

संगोष्ठी के दौरान दो सत्रों का आयोजन किया गया। पहले सत्र में रसायन विज्ञान से संबंधित नोबेल पुरस्कार 2025 की प्रमुख उपलब्धियों पर सरल और सहज प्रस्तुति दी गई।

वहीं दूसरे सत्र में चिकित्सा या शरीर क्रिया विज्ञान से जुड़े नोबेल पुरस्कार प्राप्त कार्यों पर चर्चा की गई, जिससे छात्रों को स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा से जुड़े विषयों की मूल अवधारणाओं को समझने में सहायता मिली।

इन दोनों सत्रों में सीएसआईआर-सीडीआरआई के शोधार्थियों और युवा वैज्ञानिकों ने प्रस्तुतियाँ दीं, जिससे यह कार्यक्रम पूरी तरह से छात्र-केंद्रित और सहभागितापूर्ण रहा। इस पहल ने युवाओं में सीखने की जिज्ञासा, विचार-विमर्श और आपसी संवाद को बढ़ावा दिया।

कार्यक्रम का समापन अध्यक्षीय टिप्पणी एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह संगोष्ठी राष्ट्रीय युवा दिवस की भावना के अनुरूप युवाओं को प्रेरित करने और वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रही।

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