लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ़ फॉरेंसिक साइंस लखनऊ में आईफोरसी (I4C) गृह मंत्रालय भारत सरकार के सौजन्य से आयोजित साप्ताहिक कोर्स सकुशल पूरा हुआ।
समापन सत्र के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक राजीव मल्होत्रा थे. जिन्हें संस्थान के उप निदेश जीतेन्द्र श्रीवास्तव ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस कोर्स में यूपी सहित देश के विभिन्न राज्यों दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, गोवा तथा मध्य प्रदेश के कुल 40 पुलिस अधिकारियो ने प्रतिभाग किया।
40 पुलिस अधिकारियों ने आई4सी समर्थित साइबर कोर्स किया पूरा
इस अवसर पर महानिरीक्षक राजीव मल्होत्रा ने सभागार में उपस्थित अधिकारियों को कोर्स पूर्ण करने की बधाई देते हुए कहा कि आप सभी ने इस संस्थान से जो भी ज्ञान हासिल किया है उसका शत प्रतिशत उपयोग अपने यूनिट्स में अवश्य कीजियेगा।
तभी इस संस्थान का मेहनत सफल होगा क्योकि हमारा प्रयास है कि वर्तमान में हो रहे साइबर अपराधो पर अंकुश लगे।लोग जानकारी के अभाव में अभी भी डिजिटल अरेस्ट हो रहे हैं और उनकी गाढ़ी कमाई साइबर ठगों द्वारा छल से हड़प ली जा रही है।
यूपीएसआईएफएस में साइबर अपराध पर साप्ताहिक प्रशिक्षण का समापन
उन्होंने कहा कि ध्यान रहे कि साइबर फ्रोड में फर्स्ट आवर ही गोल्डन आवर होता त्वरित कार्यवाही से आप साइबर फ्रोड को आप मात दे सकते है अन्यथा देर का लाभ अपराधी को मिल सकता है इसलिए आप जहा भी कार्यरत रहें पीड़ित व्यक्ति के प्रतिसंवेदनशील रहें तथा आम जन को जागरूक भी करते रहें।
इस अवसर पर उप निदेशक जीतेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि आज के दौर में पुलिसिंग में वर्तमान तकनीकी पर फोकस करना बेहद जरुरी है अन्यथा आप पीछे रह जायेंगे और अपराधी आपसे आगे निकल जायेगा।
उन्होंने पुलिसिंग में साइबर और फोरेंसिक के महत्व को विस्तृत ढंग से बताया। इस अवसर पर जनसंपर्क अधिकारी संतोष तिवारी, प्रतिसार उप निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह फैकल्टीज डॉ मनीष राय, गिरिजेश राय, डॉ पलक एवं कार्तिकेय सहित अन्य उपस्थित रहे।
ये भी पढ़ें : सीसीटीवी से ‘एक जेल–एक उत्पाद’ तक, कारागार सुधार के निर्देश
ये भी पढ़ें : यूपीएसआईएफएस व एनएडीटी एक मंच पर, नई दिशा में सहयोग की शुरुआत








