देश के 40 पुलिस अधिकारियों के लिए यूपीएसआईएफएस में साइबर प्रशिक्षण

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ़ फॉरेंसिक साइंस लखनऊ में आज आईफोरसी (I4C) गृह मंत्रालय भारत सरकार के सौजन्य से आयोजित साप्ताहिक कोर्स साइबर सिक्योरिटी एंड डिजिटल फोरेंसिक कोर्स का शुभारम्भ किया गया।

इसके मुख्य अतिथि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पी.सी. मीना, महानिदेशक कारागार, प्रशासन एवं सुधार विभाग यूपी लखनऊ थे। जिन्हें यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ.जीके गोस्वामी ने मंच पर स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम् प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रशिक्षित होकर साइबर अपराध से लड़ने के लिए तैयार रहना होगा : डॉ जीके गोस्वामी

इस कोर्स में यूपी सहित गोवा उत्तराखण्ड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखण्ड एवं जम्मू कश्मीर के कुल 40 पुलिस अधिकारियों ने प्रतिभाग किया है | उल्लेखनीय है कि इस साप्ताहिक कोर्स में विषय विशेषज्ञों द्वारा साइबर एवं फोरेंसिक विषयों का गहन अध्ययन कराया जायेगा|

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पी.सी. मीना, महानिदेशक कारागार, प्रशासन एवं सुधार विभाग यूपी ने सभागार में उपस्थित समस्त प्रशिक्षणार्थियों एवं शैक्षणिक संवर्ग के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा एवं फोरेंसिक पर आयोजित यह प्रशिक्षण सत्र मात्र एक औरपचारिक कार्यक्रम नहीं है बल्कि समय की मांग है।

आज युद्व केवल सीमाओं पर नही लड़े जा रहे हैं बल्कि सर्वर रूम और डाटा सेन्टरों में तकनीक के माध्यम से लड़े जा रहे हैं और आज जितता वहीं जो तकनीक और डेटा से मजबूत होता है।

उन्होंने कहा कि अब हमें पुलिसिंग में पारंपरिक तौर तरीके को बदलना होगा तथा डंडे की शक्ति से बाहर निकल कर हमें डेटा की शक्ति को पहचानना होगा। उन्होंने कहा कि डिजीटल साक्ष्य कभी झूठ नहीं बोलता है अपराधियों के विरूद्व विवेचना में हमें मौखिक साक्ष्य के साथ साथ डिजीटल साक्ष्य को लगातार अपनाकर कार्यवाही करना चाहिए।

हमें साइबर युग में डेटा की शक्ति को समझना होगा: पीसी मीना

महानिदेशक कारागार, प्रशासन एवं सुधार विभाग यूपी आज अपराधी अदृष्य है जो सात समन्दर पार बैठकर एक क्लिक पर आपके बैंक एकाउन्ट खाली कर आपको खतरे में डाल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें उम्मीद है आप सभी यूपीएसआइएफएस से प्रशिक्षण प्राप्त कर फील्ड में अपने साइबर शक्ति का का परिचय देगें।

उन्होंने मंच से डॉ गोस्वामी की संस्थान के प्रति असाधारण कार्योंकी सराहना भी किया| इस अवसर पर पी.सी. मीना, महानिदेशक कारागार एवं प्रशासन सुधार विभाग यूपी ने डीएनए तथा ड्रोन लैब का भ्रमण भी किया।

इस अवसर पर संस्थापक निदेशक डॉ जीण्के गोस्वामी ने संस्थान में चल रहे कोर्स के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि जो अपराध पहले सड़क पर होते थे अब सारा का सारा साइबर स्पेस में हो रहे हैं जैसे डिजीटल अरेस्ट अपराध क्या है ? यह एक प्रकार का ई.राबरी है।

उन्होंने डार्क वेव पर अपराध की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब एजेन्टिक क्रिमिनल आने वाले हैं वह अपना कमीशन तय करके साइबर अपराध करने के लिए आपके द्वार पर खडे़ होगें । ऐसी परिस्थिति में हमें प्रशिक्षित होकर साइबर एवं डिजिटल फॉरेंसिक अपराध से लड़ने के लिए तैयार रहना होगा।

कार्यक्रम के अंत में महानिरीक्षक राजीव मल्होत्रा ने सभागार में उपस्थित समस्त अधिकारियों का अभार प्रकट किया और कहा कि इस संस्थान में अनुभवी एवं तकनीकी विषेषज्ञों से वर्तमान स्वरूप के अनुरूप ज्ञान प्राप्त करना एक सौभाग्य और वक्त की जरूरत है।

कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क अधिकारी संतोष तिवारी ने किया। इस अवसर पर उप निदेशक जितेन्द्र श्रीवास्तव, चिरंजीब मुखर्जी, डॉमनीष राय, गिरिजेश राय, डॉ पलक, उप निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह एवं कार्तिकेय सहित अन्य उपस्थित रहे।

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