सरोजनीनगर में 106 ओपन जिम, 62 आरडब्ल्यूए में पुस्तकालय, 50 खेल किट और 8 सोलर प्लांट: डॉ. राजेश्वर सिंह का सामुदायिक विकास मॉडल
डॉ. राजेश्वर सिंह का विज़न — सरोजनीनगर की आरडब्ल्यूए एवं आवासीय सोसायटियों को ज्ञान, स्वास्थ्य, खेल और हरित ऊर्जा से सशक्त आदर्श सामुदायिक केंद्रों के रूप में विकसित करने का संकल्प
डॉ. राजेश्वर सिंह की उपलब्धि — 106 ओपन एयर जिम, 62 आरडब्ल्यूए में सामुदायिक पुस्तकालय, 50 आरडब्ल्यूए के बच्चों को खेल किट तथा 8 आरडब्ल्यूए में कम्युनिटी सोलर प्लांट स्थापित कर सरोजनीनगर में सामुदायिक विकास का नया मॉडल प्रस्तुत
डॉ. राजेश्वर सिंह की पहल — सीएसआर, लखनऊ विकास प्राधिकरण एवं विधायक निधि के समन्वित प्रयासों से आरडब्ल्यूए में ओपन एयर जिम और 1,600 से अधिक पुस्तकों वाले पुस्तकालय स्थापित कर सामाजिक सहभागिता एवं जनकल्याण को नई दिशा
डॉ. राजेश्वर सिंह की हरित ऊर्जा दृष्टि — 60 मेगावाट से अधिक सौर क्षमता, ₹1.64 करोड़ से 8 आरडब्ल्यूए में कम्युनिटी सोलर प्लांट, ₹25.18 लाख से जोनल पार्क में सोलर पावर प्लांट तथा ₹1 करोड़ से माती गांव को लखनऊ के प्रथम सोलर विलेज के रूप में विकसित कर ऊर्जा आत्मनिर्भर सरोजनीनगर का निर्माण
डॉ. राजेश्वर सिंह का संदेश — जिम, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं, बच्चों के झूले और सौर ऊर्जा परियोजनाएं केवल विकास कार्य नहीं, बल्कि ऐसे स्वस्थ, शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर समाज की मजबूत नींव हैं जो विकसित भारत के सपने को साकार करेगा।
हर आरडब्ल्यूए में जिम, लाइब्रेरी, बच्चों के लिए झूले और खेल सामग्री क्यों? क्योंकि स्वस्थ नागरिक, सक्रिय समाज और मजबूत सामुदायिक जीवन का निर्माण डॉ. राजेश्वर सिंह की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उनका संकल्प है कि सरोजनीनगर विधानसभा की आरडब्ल्यूए, आवासीय सोसायटियों एवं बहुमंजिला आवासीय परिसरों को केवल रहने का स्थान न बनाकर ज्ञान, स्वास्थ्य, खेल, सामाजिक सहभागिता और हरित ऊर्जा के आदर्श सामुदायिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए।
उनका मानना है कि किसी भी क्षेत्र का वास्तविक विकास केवल सड़कों, भवनों और अन्य आधारभूत संरचनाओं से नहीं मापा जा सकता, बल्कि तब होता है जब बच्चे सुरक्षित वातावरण में खेलें, युवा शिक्षा एवं अवसरों से जुड़ें, बुजुर्ग स्वस्थ और सक्रिय जीवन व्यतीत करें तथा पूरा समाज एक-दूसरे के सहयोग से आगे बढ़े।
इसी दूरदर्शी सोच के साथ सरोजनीनगर में एक व्यापक सामुदायिक सशक्तिकरण अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक आरडब्ल्यूए में पुस्तकालय, ओपन एयर जिम, खेल सुविधाएं, बच्चों के लिए मनोरंजन क्षेत्र तथा स्वच्छ ऊर्जा आधारित व्यवस्थाएं उपलब्ध कराना है, ताकि सामुदायिक जीवन को नई ऊर्जा और नई दिशा मिल सके।
डॉ. राजेश्वर सिंह के मार्गदर्शन में 22 दिसंबर 2022 से प्रारम्भ इस अभियान ने सरोजनीनगर के सार्वजनिक स्थलों और आवासीय परिसरों के स्वरूप में व्यापक परिवर्तन किया है। आज सरोजनीनगर में कुल 106 ओपन एयर जिम स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें 56 जिम सीएसआर निधि तथा 50 जिम लखनऊ विकास प्राधिकरण के सहयोग से विकसित किए गए हैं।
हाल ही में विभिन्न आरडब्ल्यूए परिसरों में स्थापित 15 ओपन एयर जिम भी इसी कुल संख्या का हिस्सा हैं। इसके अतिरिक्त, लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा 94 अन्य ओपन जिमों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
स्वास्थ्य और मनोरंजन को बढ़ावा देने के लिए सीजी सिटी में लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से दिव्यांगजन अनुकूल पार्क, 11 करोड़ रुपये की लागत से सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल पर हार्मनी म्यूजिकल पार्क, 8 करोड़ रुपये की लागत से सौर ऊर्जा संयंत्र एवं अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र युक्त जोनल पार्क तथा 1.54 करोड़ रुपये की लागत से सिंथेटिक जॉगिंग ट्रैक का निर्माण कराया गया है। इन पहलों ने नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली और बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं प्रदान की हैं।
ज्ञान और शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए 62 आरडब्ल्यूए में 1,600 से अधिक पुस्तकों के साथ सामुदायिक पुस्तकालय स्थापित किए गए हैं।
25 जुलाई 2022 को डिजिटल पुस्तकालय एवं स्मार्ट कक्षा अभियान का शुभारम्भ करते हुए 37 शिक्षण संस्थानों में डिजिटल प्रयोगशालाएं स्थापित की गईं, 43 विद्यालयों में इंटरैक्टिव डिजिटल बोर्ड लगाए गए तथा 450 से अधिक कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए।
इसके अतिरिक्त 2,000 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप, टैबलेट एवं अन्य डिजिटल उपकरण प्रदान किए गए हैं। इन प्रयासों ने शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक आधारित अधिगम को बढ़ावा दिया है तथा विद्यार्थियों को आधुनिक प्रतिस्पर्धी वातावरण के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
खेल और युवा सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 50 आरडब्ल्यूए के बच्चों को खेल किट वितरित की गई हैं। एल्देको सौभाग्यम में आयोजित “द माइंड मैराथन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता” के विजेताओं को लैपटॉप प्रदान कर शैक्षणिक उत्कृष्टता को सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त 19 जून 2024 को प्रारम्भ रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्रों के 17 केंद्रों के माध्यम से अब तक 8,000 से अधिक नागरिकों को निःशुल्क ई-गवर्नेंस सेवाएं प्रदान की गई हैं तथा 1,250 से अधिक बच्चों को एमएस वर्ड, एमएस एक्सेल, टैली, ग्राफिक डिजाइन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग जैसे आधुनिक विषयों का प्रशिक्षण दिया गया है। इन पहलों ने सरोजनीनगर के युवाओं को डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
डॉ. राजेश्वर सिंह की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण आयाम ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण है। सोलर सिटी परियोजना के अंतर्गत सरोजनीनगर में 60 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता विकसित की जा चुकी है। ₹1.64 करोड़ की लागत से 8 आरडब्ल्यूए में कम्युनिटी सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं, जो ऊर्जा आत्मनिर्भरता के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत लगभग ₹1 करोड़ की लागत से माती गांव को लखनऊ के प्रथम सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जोनल पार्क में ₹25.18 लाख की लागत से सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है।
संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र में 1,800 से अधिक सोलर लाइटें, 750 से अधिक स्ट्रीट लाइटें, 160 से अधिक हाईमास्ट लाइटें, 5 सोलर ट्री तथा ₹1.40 करोड़ की लागत से 7 विद्युत वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। ये सभी प्रयास सरोजनीनगर को ऊर्जा दक्ष, पर्यावरण अनुकूल और भविष्य उन्मुख विधानसभा के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
डॉ. राजेश्वर सिंह का कहना है कि जिम, पुस्तकालय, खेल किट, बच्चों के झूले और सौर ऊर्जा संयंत्र केवल सुविधाएं नहीं हैं, बल्कि एक ऐसे समाज के निर्माण के साधन हैं जो स्वस्थ, शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर हो।
उनका लक्ष्य केवल विकास कार्यों का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि सरोजनीनगर में ऐसा सामुदायिक मॉडल स्थापित करना है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने तथा विकसित भारत 2047 के संकल्प को धरातल पर साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
इस अभियान में भाजपा सरोजनीनगर मंडल के पदाधिकारियों, विभिन्न आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों, युवा संगठनों तथा हजारों सम्मानित नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही है। सरोजनीनगर विधानसभा को उत्तर प्रदेश की आदर्श विधानसभा बनाने की दिशा में यह सामुदायिक सशक्तिकरण अभियान एक ऐतिहासिक और अनुकरणीय पहल के रूप में स्थापित हो चुका है।
“जनसेवा ही ईश्वर सेवा है। यही उनका संकल्प है, यही उनका धर्म है।”











