लखनऊ : वाराणसी की रहने वाली 46 वर्षीय महिला मरीज वंदना दुबे को 28 अक्टूबर को बहुत तेज 104 डिग्री बुखार था। साथ ही साथ उनकी पूरे बॉडी में बहुत तेज दर्द भी था। परिवार जन लगातार सर पर पट्टियां रखकर बुखार उतारने की कोशिश कर रहे थे।
जब कुछ राहत नहीं मिली तो परिवार जनों द्वारा महिला मरीज को सहारा हॉस्पिटल के इमरजेंसी विभाग में लाया गया, जिनको डॉक्टर इमरान हनफी के अंतर्गत एडमिट किया गया। डेंगू के इलाज के दौरान उन्हें कुछ हार्ट से सम्बंधित बीमारी का संदेह हुआ तो उन्होंने ईसीजी में कुछ गड़बड़ी पायी।
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डॉक्टर इमरान ने परिजनों को सीसीयू में मरीज को तुरंत एडमिट करने को कहा। जब मरीज ऑब्जर्वेशन में थी उसी समय उनको हार्ट आर्ट अटैक आ गया और कार्डियक अरेस्ट हो गया मरीज को तुरंत ही सीपीआर दिया गया जिससे उसका हार्ट चलने लगा। फिर मरीज को वैन्टिलेटर पर लिया गया।
16 घंटे के बाद हार्ट अटैक का मैनेजमेंट करने के बाद वैन्टिलेटर से हटा दिया गया और सीसीयू में सही समय पर एडमिट कर दिया था
जिसकी वजह से महिला मरीज को तुरंत ही हार्ट से सम्बंधित सभी सुविधाएं सीसीयू विभाग में तुरंत कुशल सुपर विजन में उपलब्ध हो गयीं। इस प्रकार मरीज को डॉक्टर इमरान हनफी की सूझबूझ से हार्ट अटैक आने के बावजूद मरीज की जान बचायी जा सकी।