गोमती टास्क फोर्स (GTF) ने इस साल यानि 2025 में एक जनवरी को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) के अंतर्गत गठित होने के पश्चात अपना एक वर्ष पूर्ण कर लिया है। यह अवधि लखनऊ क्षेत्र में गोमती नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन एवं निगरानी हेतु निरंतर और समन्वित प्रयासों की साक्षी रही है।
प्रदूषण, अतिक्रमण तथा अनियंत्रित अपशिष्ट प्रवाह से उत्पन्न चुनौतियों को दृष्टिगत रखते हुए, गोमती टास्क फोर्स का गठन नदी पुनर्जीवन के लिए ज़मीनी स्तर पर सतत उपस्थिति और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया।
पिछले एक वर्ष के दौरान, टास्क फोर्स ने लखनऊ क्षेत्र में गोमती नदी के विभिन्न हिस्सों में निरंतर तैनाती बनाए रखते हुए नदी तट गश्त, प्रदूषण निगरानी, व्यवस्थित नालों का मानचित्रण तथा स्थानीय प्रशासन एवं शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से संयुक्त पर्यावरणीय सर्वेक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए।
निरंतर सफाई अभियानों के माध्यम से अब तक नदी, घाटों एवं समीपवर्ती आर्द्रभूमियों से 2,000 टन से अधिक तैरता कचरा और जलकुंभी हटाई गई है, जिससे नदी की स्वच्छता और पारिस्थितिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
जनभागीदारी गोमती टास्क फोर्स की कार्यप्रणाली का प्रमुख आधार रही है। 60-दिवसीय रिवर योगा अभियान, 150 से अधिक जन-जागरूकता कार्यक्रमों एवं वृक्षारोपण अभियानों के माध्यम से 70,000 से अधिक नागरिकों को नदी से पुनः जोड़ा गया, जिससे स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को भी प्रोत्साहन मिला।
सशक्त सिविल–मिलिट्री समन्वय के माध्यम से विभिन्न शासकीय एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों एवं स्थानीय समुदायों को एक साझा मंच पर लाकर नदी पुनर्जीवन हेतु संगठित प्रयास सुनिश्चित किए गए।
इन्हीं प्रयासों की निरंतरता में, लखनऊ नगर के हृदय क्षेत्र में स्थित एकाना वेटलैंड पुनर्जीवन परियोजना की भी शुरुआत की गई है, जो एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक पहल है।
इस अवसर पर गोमती टास्क फोर्स के अधिकारी, मेजर कंवरदीप सिंह नागी, ने कहा: “प्रथम वर्ष का मुख्य उद्देश्य ज़मीनी स्तर पर सतत उपस्थिति स्थापित करना, सिविल एजेंसियों के साथ समन्वय सुदृढ़ करना तथा नागरिकों को पुनः नदी से जोड़ना रहा है।
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नदी पुनर्जीवन एक दीर्घकालिक उत्तरदायित्व है, और यह उपलब्धि गोमती के संरक्षण हेतु हमारे अनुशासित, सतत और सहयोगात्मक प्रयासों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।”
गोमती टास्क फोर्स के लिए यह एक वर्ष की उपलब्धि समापन नहीं, बल्कि एक निरंतर अभियान की शुरुआत है—स्वच्छ गोमती और सतत भविष्य की दिशा में एक सशक्त संकल्प के साथ।
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