बृजेंद्र सिंह – जेल अधीक्षक, जिला कारागार, अलीगढ़ को उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं व तिनका तिनका फाउंडेशन द्वारा मानवाधिकार दिवस के अवसर पर तिनका तिनका इंडिया अवॉर्ड्स 2024 में जेल प्रशासक सम्मान 2024 श्रेणी में पहला पुरस्कार प्राप्त किया।
तिनका तिनका इंडिया अवॉर्ड्स का आयोजन भव्य रूप से जिला जेल, लखनऊ में किया गया। इस विशेष अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, मनोज कुमार सिंह, आईएएस का स्वागत महानिदेशक, कारागार विभाग, पीवी रामाशास्त्री ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।
इसमें जेल प्रशासक सम्मान 2024 श्रेणी में रमन शर्मा – उपाधीक्षक, तिहाड़ जेल, दिल्ली को दूसरा व सफ़ीना हसन – जेल वार्डर, केंद्रीय कारागार, रायपुर, छत्तीसगढ़ को तीसरा स्थान मिला।
मुख्य अतिथि के आगमन पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इसके बाद उन्होंने जेल का भ्रमण किया। इस दौरान वीडियो वॉल, हेल्थ एटीएम, महिला बैरक और जेल अस्पताल का अवलोकन किया।
इसके पश्चात उन्होंने जेल उत्पाद गैलरी का अवलोकन किया जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य की 29 कारागारो से लाए गए उत्पादों को रखा गया था। उक्त उत्पाद कारागार के परंपरागत उद्योग व वन जेल वन प्रोडक्ट स्कीम के अंतर्गत बनाए गए उत्पाद थे। मुख्य अतिथि ने इन उत्पादों की सराहना की।
साथ ही उन्होंने तिनका तिनका गैलरी में प्रदर्शित भारत की जेलों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को सराहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों की जेलों ने ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम के दौरान तिनका तिनका फाउंडेशन की यात्रा पर आधारित एक विशेष वीडियो प्रदर्शित किया गया। इसके बाद तिनका तिनका इंडिया अवॉर्ड्स 2024 की घोषणा और पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न हुआ। पुरस्कारों की चार श्रेणियां थीं: 1. पेंटिंग अवॉर्ड, 2. स्पेशल मेंशन अवॉर्ड, 3. बंदिनी अवॉर्ड, 4. जेल प्रशासन अवॉर्ड।
उत्तर प्रदेश के विजेता बंदियों और जेल कर्मचारियों ने अपने अनुभव और भाव व्यक्त करते हुए इस समारोह को और अधिक प्रेरणादायक बनाया।
डॉ. वर्तिका नंदा, तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक, ने अपने संबोधन में जेल सुधार और बंदियों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।
साथ ही ‘तिनका तिनका उत्तर प्रदेश’ पुस्तक की घोषणा की। यह एक कॉफी टेबल बुक होगी, जोकि उत्तर प्रदेश के बंदियों की प्रेरणादायक कहानियों पर आधारित होगी। यह पुस्तक बंदियों के जीवन के अनछुए पहलुओं को सामने लाने और उनके अनुभवों को साझा करने का एक अनूठा प्रयास है।
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पुलिस महानिदेशक कारागार, पी वी रामाशास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि जेलों को एक सुधार गृह के रूप में स्थापित किया जा रहा है, जहां बंदियों के स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और कानूनी सहायता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि तिनका तिनका फाउंडेशन के सहयोग से उत्तर प्रदेश कारागार विभाग के बंदियों व जेल कार्मिकों द्वारा किए जा रहे सराहनीय कार्यो पर आधारित पॉडकास्ट शीघ्र ही शरू किया जाएगा तथा उन्होंने प्रत्येक जेल मे लाइब्रेरी के आधुनिकीकरण व विस्तारीकरण की भी घोषणा की।
प्रमुख सचिव, कारागार, अनिल गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि विभिन्न एनजीओ के माध्यम से जेलों में उत्कृष्ट कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने तिनका तिनका फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस फाउंडेशन ने यह साबित किया है कि जेल के अंदर भी जीवन को खुशनुमा बनाया जा सकता है।
उन्होंने बंदियों की पेंटिंग की प्रशंसा करते हुए कहा कि पेंटिंग के माध्यम से बंदियों ने अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त किया है। तिनका तिनका फाउंडेशन को जेल सुधार के लिए पूरे देश में उनके सफल प्रयासों के लिए बधाई दी और मानवाधिकारों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, मनोज कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि बंदियों को अपने हृदय में बेहतर कल की उम्मीद को संजोए रखना चाहिए और अपने समय का सदुपयोग करना चाहिए।
उन्होंने जेलों में बड़ी संख्या में विचाराधीन कैदियों पर चिंता व्यक्त की और बताया कि सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए प्रगतिशील दृष्टिकोण अपनाते हुए नए कानून बनाए हैं जिसमें पहली बार अपराध करने वाले विचाराधीन बंदियों के लिए एक तिहाई सजा पूरी करने पर रिहाई के प्रावधान हैं।
उन्होंने तिनका तिनका फाउंडेशन जेसे एन0जी0ओ की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संगठन सरकार को जागरूकता प्रदान करते हैं और बेहतर नीतियां बनाने में सहायता करते हैं।
कार्यक्रम का समापन डीआईजी, लखनऊ रेंज, डॉ. राम धनी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर एआईजी कारागार प्रशासन , धर्मेंद्र सिंह, डीआईजी, मेरठ रेंज, एस सी शाक्य, जेल अधीक्षक लखनऊ, बृजेंद्र सिंह, सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।