इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चल रहे पांच दिवसीय यूपीआईटेक्स में गुजराती ज्वेलरी से लेकर रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों की जबरदस्त डिमांड है। इसमें सर्दियों में इस्तेमाल होने वाले रजाई से लेकर बेडशीट जैसी चीजें शामिल हैं।
गुजरात के इन उद्यमियों को आगे बढ़ाने काम गुजरात स्टेट हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (गरवी गुर्जरी – गुजरात ओडीओपी) द्वारा किया जा रहा है।
इसके अलावा कार्यक्रम के तीसरे दिन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के तत्वाधान से कैपिटल प्रोटक्शन एंड वेल्थ क्रिएशन विषय पर कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रतिनिधि ने अपने विचार रखें।
हैंडमेड जूलरी और एंब्रायडरी बनी सबकी पसंद
अहमदाबाद से आई बीजल त्रिवेदी बताती हैं कि उनके पास हैंडमेड जूलरी आइटम का बड़ा कलेक्शन है इसमें पल्स से लेकर क्रिस्टल स्टोन ज्वैलरी, एंटीक पीस, 1 ग्राम नेकलेस, चूड़ियां और नोज पिन शामिल हैं। यह ₹100 से लेकर ₹5,000 तक की रेंज में उपलब्ध हैं।
गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले से आईं रितिका में बताया कि हमारे पास पिलो कवर से लेकर कुशन, बेडशीट, सोफा कवर, कम्फर्टर, रजाई और बोहो बैग जैसी चीजें शामिल हैं। इनकी सबसे खास बात यह है कि सभी समान में खूबसूरत हैंडमेड गुजराती एंब्रॉयडरी देखने को मिलेगी। इसके साथ ही टेबल क्लॉथ पर जटिल गुजराती एंब्रॉयडरी का नमूना देखने को मिलेगा।
इसके अलावा कार्यक्रम के तीसरे दिन कैपिटल प्रोटक्शन एंड वेल्थ क्रिएशन विषय पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में सीए रीना भार्गव, सीनियर पार्टनर-रीना भार्गव एंड को एंड प्रेसिडेंट लखनऊ सीए टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन, सीए आशीष कपूर, मैनेजिंग पार्टनर एट असीजा एंड एसोसिएट्स एलएलपी, सीए चारू खन्ना, वाइस चेयरपर्सन लखनऊ ब्रांच ऑफ सीआईआरसी ऑफ़ इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया, जोगिंदर सिंह, वाइस प्रेसिडेंट नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, संजय तिवारी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बीएनआई- लखनऊ, अतुल श्रीवास्तव सीनियर रीजनल डायरेक्टर यूपी स्टेट चैप्टर पीएचडीसीसीआई समेत एनएसई से सीएस श्रुति शर्मा और विवेक दुआ भी शामिल रहे।
सीए रीना भार्गव ने बताया कि एथिकल तरीके से बनाया गया पैसा ही लंबे समय तक चलता है। कई बार लोग अधिक रिटर्न के लालच में अधिक इन्वेस्ट कर बैठते हैं और जरा सा मार्केट उथल-पुथल होने से परेशान होने लगते हैं और रोज पोर्टफोलियो देखते हैं। ऐसे में हमारे पास रिस्क मैनेजमेंट स्ट्रेटजी होना आवश्यक है।
सीए चारू खन्ना ने कहा कि लिविंग कॉस्ट लगातार बढ़ रही है, ऐसे में वेल्थ जनरेशन भी जरूरी है, जिसके लिए लोग एसआईपी कर सकते हैं। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर इंडिया ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए भी काम कर रहा है। इसके अलावा जो भी वेल्थ हमने बनाई है, उसको बचाए रखना भी बेहद आवश्यक है।
हमें ऐसे बिजनेस को डेवलप करने की आवश्यकता है जो वैश्विक उथल-पुथल के दौर में भी सरवाइव कर सकें। जोगिंदर सिंह (उपाध्यक्ष, एनएसई) ने अनुशासित और दीर्घकालिक निवेश रणनीतियों के महत्व पर प्रकाश डाला तथा पंजीकृत ब्रोकर्स के माध्यम से निवेश करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने उचित जांच के महत्व पर भी जोर दिया और फंड्स को निवेश करने से पहले सेबी चेक की प्रक्रिया को समझाया।
उन्होंने सभी से अपील की कि कभी भी असत्यापित जानकारी, अफवाहों या अविश्वसनीय स्रोतों से मिले टिप्स के आधार पर निर्णय न लें। इसके अलावा यूपीआईटेक्स में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के हिस्से के रूप में निवेशक जागरूकता और संरक्षण के विषय पर एक नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किया।
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