लखनऊ। लक्ष्मण टीला पर बनी टीले वाली मस्जिद का सर्वे कराये जाने की मांग को लेकर सोमवार को स्थानीय अपर जिला न्यायालय प्रथम ने सुनवाई कल सुबह 11 बजे तक के लिये टाल दी। लगभग एक घण्टे तक चली बहस के दौरान सरकारी पक्ष के अधिवक्ता ने बीते जुमे की नमाज के बाद वहां के मौलाना के दिये गये विवादित बयान को उठाया।
न्यायालय में उठा मौलाना के विवादित बयान का मामला, ऐसे बयान से बचने की सलाह
इस पर न्यायालय ने मौलाना को ऐेसे बयानों से बचने की सलाह दी है। इससे पहले मुकदमें में वादी धनवीर की ओर हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं अधिवक्ता शिशिर चतुर्वेदी और श्याम सुन्दर को वकील नियुक्त किया गया। सुनवाई दोपहर लगभग तीन बजे के आसपास प्रारम्भ हुयी।
सुनवाई के दौरान मौजूद रहे हिन्दू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी व कार्यकर्ता
और लगभग एक घण्टे तक हिन्दू और मुस्लिम पक्षों के वकीलों ने अपने-अपने तर्को को न्यायालय ने सुना और लगभग एक घण्टे तक सुनवाई करने के बाद अगले दिन 31 मई तक टाल दी।
अगली सुनवाई कल मंगलवार को सुबह 11 बजे फिर होगी। सुनवाई के दौरान अखिल भारत हिन्दू महासभा, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी, प्रदेश मंत्री अश्विनी गुप्ता, गोविन्द सिंह, पार्टी के विधिक प्रकोष्ठ के जिला लखनऊ अध्यक्ष शशिकान्त शुक्ला, रामनरेश श्रीवास्तव, महादेव सिंह-एडवोकेट सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता भी न्यायालय में थे।
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आज की बहस के बाद अधिवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि कल ग्यारह बजे न्यायालय के समक्ष लक्ष्मण टीला पर निर्माणाधीन विवादित परिसर की आर्केलॉजिकल ऑफ इण्डिया एएसआई से सर्वे का आर्डर कराने की बात पुरजोर के साथ रखी जायेगी।
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आज की बहस के बाद कोर्ट के बाहर मौजूद मीडिया से बात करते हुये अखिल भारत हिन्दू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी ने न्यायालय पर भरोसा जताते हुये कहा कि जिस तरह न्यायालय में हिन्दू पक्ष के वकीलों ने अपने तर्क रखे है, उससे पूरी उम्मीद है कि न्यायालय कल टीले वाली मस्जिद जिसे पहले लक्ष्मण टीला कहा जाता था, का आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ इण्डिया से सर्वे कराने का निर्णय देगी।