भारत की अंडर-17 महिला टीम ने म्यांमार पर शानदार वापसी करते हुए दर्ज की जीत

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यांगून, म्यांमार : पामेला कॉन्टी की बेंच से उतरी खिलाड़ियों ने निर्णायक भूमिका निभाते हुए भारत की अंडर-17 महिला टीम को नाटकीय वापसी दिलाई, जिसने शनिवार, 14 मार्च 2026 को यांगून के थुवुन्ना स्टेडियम में खेले गए दूसरे अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच में म्यांमार को 3-2 से हराया।

पहले हाफ के अंत तक मेजबान टीम ह्निन विंट वार क्याव (12’) और मिन होतोन मे ज़ितार (45’) के गोलों की
बदौलत आगे थी, जबकि भारत के लिए अल्वा देवी सेनजाम (33’) ने बराबरी का गोल किया था। मैच के अंतिम
चरण में भारत की स्थानापन्न खिलाड़ी अनुश्का कुमारी (88’) और जोया (90+1’) ने गोल कर टीम को शानदार जीत
दिलाई।

यह मुकाबला आगामी एएफसी अंडर-17 महिला एशियन कप की तैयारी का हिस्सा था, जो 1 से 17 मई के बीच
चीन के सूझोउ में आयोजित होगा। म्यांमार भी इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई कर चुका है और इन
मुकाबलों को अपनी तैयारी के रूप में खेल रहा है। भारत ने इससे पहले गुरुवार को खेले गए पहले मैत्री मैच में 2-0
से जीत दर्ज की थी।

म्यांमार ने मुकाबले की तेज शुरुआत की और शुरुआती 10 मिनट में ही भारत पर दबाव बना दिया। पहला मौका तब
बना जब फॉरवर्ड शिन थांत फ्यू सिन प्योने ने भारतीय गोलकीपर मुन्नी को गलती करने पर मजबूर कर दिया। उनकी
गलत पास सीधे साउंग थाजिन ऊ के पास पहुंची, लेकिन खुले गोल के बावजूद वह निशाना साधने में चूक गईं।

कुछ ही देर बाद म्यांमार को एक सेट-पीस से भी मौका मिला, जब पिन म्यिंट यान की फ्री-किक दीवार से टकराने के बाद ढीली गेंद फ्यू सिन प्योने के पास पहुंची, लेकिन मुन्नी ने समय रहते आगे बढ़कर वन-ऑन-वन स्थिति में उन्हें रोक
दिया।

म्यांमार का दबदबा आखिरकार 12वें मिनट में रंग लाया। खाइंग ज़िन म्यिंट ने बाएं फ्लैंक से फ्री-किक बॉक्स में
डाली, जिसे क्लियर करने के लिए मुन्नी बाहर निकलीं, लेकिन उनका कमजोर पंच सीधे ह्निन विंट वार क्याव के
पास पहुंच गया, जिन्होंने बाएं पैर से शांतिपूर्वक गेंद को जाल में पहुंचाकर मेजबान टीम को बढ़त दिला दी।

इस झटके के बाद भारतीय टीम कुछ देर के लिए अस्थिर दिखी, लेकिन युवा टाइग्रेस धीरे-धीरे लय में लौट आईं।
भारत का अधिकांश आक्रमण बाएं फ्लैंक से आया, जहां अल्वा देवी सेनजाम और रेडिमा देवी चिंगखामायुम ने बेहतर
तालमेल दिखाते हुए क्रॉस और पास के जरिए म्यांमार की रक्षा पंक्ति को परेशान किया।

उनकी मेहनत का फल 33वें मिनट में मिला। रेडिमा ने अल्वा की दौड़ को देखते हुए रक्षा पंक्ति के पीछे सटीक गेंद
डाली। अल्वा ने बॉक्स के अंदर शानदार नियंत्रण के बाद ताकतवर बाएं पैर से शॉट लगाते हुए गेंद को नजदीकी
पोस्ट से अंदर भेज दिया और स्कोर 1-1 कर दिया। यह 15 वर्षीय खिलाड़ी का भारत के लिए पहला यूथ अंतरराष्ट्रीय
गोल था।

हालांकि म्यांमार ने अंतराल से ठीक पहले फिर बढ़त हासिल कर ली। 45वें मिनट में ऊ ने बाएं से कॉर्नर लिया और
मिन होतोन मे ज़ितार ने तीखे कोण से शानदार हेडर लगाकर गोल कर दिया, जिससे हाफ-टाइम तक म्यांमार 2-1
से आगे था।

दूसरे हाफ में मुकाबला काफी कड़ा हो गया। दोनों टीमों ने सतर्क रणनीति अपनाई और मिडफील्ड में संघर्ष बढ़ने के
कारण साफ मौके कम ही बने।

जब लग रहा था कि म्यांमार जीत की ओर बढ़ रहा है, तभी भारत ने 88वें मिनट में शानदार बराबरी का गोल कर
दिया।

स्थानापन्न खिलाड़ी अनुश्का कुमारी, जो इससे पहले कप्तान जूलन नोंगमैथेम की जगह मैदान में आई थीं, ने
मिडफील्ड में साथी स्थानापन्न बोनिफिलिया शुल्लाई से पास लिया और आगे बढ़ते हुए 25 गज से भी अधिक दूरी से
शानदार शॉट लगाया। गेंद गोलकीपर के ऊपर से होती हुई सीधे जाल में जा लगी।

इस देर से आए गोल ने भारतीय टीम में नया आत्मविश्वास भर दिया और इंजरी टाइम में उन्होंने जीत भी सुनिश्चित
कर ली। 91वें मिनट में एलिज़ाबेड लकड़ा ने गहराई से लंबी गेंद आगे भेजी।

म्यांमार की डिफेंडर पिन म्यिंट यान हेडर का सही अनुमान नहीं लगा सकीं, जिससे गेंद स्ट्राइकर जोया के पास पहुंच गई, जो 75वें मिनट में अन्विता रघुरमन की जगह मैदान में आई थीं। जोया ने शानदार संयम दिखाते हुए बाएं पैर से गेंद को गोल में भेज दिया और भारत को रोमांचक जीत दिला दी। यह उनका केवल दूसरा अंतरराष्ट्रीय मैच था और इसी में उन्होंने अपना पहला यूथ अंतरराष्ट्रीय गोल भी दर्ज किया।

भारत अंडर-17: मुन्नी (जीके), तानिया देवी तोनाम्बम (रीतु बड़ाइक 46’), एलिज़ाबेड लकड़ा, दिव्यानी लिंडा,
थंदामोनी बास्के (पर्ल फर्नांडिस 46’), जूलन नोंगमैथेम (कप्तान) (अनुश्का कुमारी 56’), प्रीतिका बर्मन, रेडिमा देवी
चिंगखामायुम (बोनिफिलिया शुल्लाई 75’), अभिस्ता बसनेट (अलेना देवी सरांगथेेम 67’), अल्वा देवी सेनजाम,
अन्विता रघुरमन (जोया 75’)।

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