लखनऊ : उत्तर प्रदेश में इंडिगो की खेती को बढ़ावा देने के लिए एएमए हर्बल समूह और लखनऊ स्थित इंटीग्रल विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसका उद्देश्य इंडिगो को प्रदेश की प्रमुख नकदी फसल के रूप में विकसित करना और किसानों की आय में बढ़ोतरी करना है।
एएमए हर्बल समूह ने किया इंटीग्रल विश्वविद्यालय के साथ एमओयू
इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय इंडिगो की वैज्ञानिक खेती, बेहतर बीज और ट्रेनिंग में तकनीकी सहयोग देगा। किसानों को सही तरीके से उत्पादन बढ़ाने की जानकारी दी जाएगी। एएमए हर्बल समूह द्वारा फसल की खरीद, बाजार से जोड़ने और आगे की तैयारी की जिम्मेदारी संभाली जाएगी।
किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की नई नकदी फसल बनाने की पहल
कुलपति प्रो. जावेद मुसर्रत, कृषि विभागाध्यक्ष प्रो. सबा सिद्दीकी, जैव प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष डॉ. वजा-उल-हक, एएमए हर्बल समूह के को-फाउंडर व सीईओ डॉ. यावर अली शाह, उपाध्यक्ष श्री हमज़ा ज़ैदी और कुलसचिव श्री हारिस सिद्दीकी की मौजूदगी में समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
इस अवसर पर प्रो-वाइस चांसलर डॉ. निदा फातिमा और डॉ. नदीम अख्तर के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया। यह पहल प्रदेश में टिकाऊ और लाभकारी खेती की दिशा में नई शुरुआत मानी जा रही है।
डॉ. यावर अली शाह ने कहा, “एजुकेशनल इंस्टीट्यूट और इंडस्ट्री अपने-अपने एरिया के माहिर हैं। दोनों का इंटीग्रेशन एक सिनर्जी पैदा करता है। इसमें इंडस्ट्रीज की कमर्शल अप्रोच और इंस्टिट्यूट में पढ़ने वाले बच्चों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित होता है। भारत सरकार भी यही चाहती है और इसी सोच के साथ एएमए भी आगे बढ़ रहा है।













