इंटीरियो बाय गोदरेज ने लखनऊ में लॉन्च किया एक्सपीरियंस सेंटर, उत्तर भारत में अपने संस्थागत

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लखनऊ: गोदरेज एंटरप्राइजेज समूह के प्रमुख फर्नीचर ब्रांड, इंटीरियो बाय गोदरे (इंटीरियो बाय गोदरेज) ने लखनऊ में एक्सपीरियंस सेंटर (अनुभव केंद्र) लॉन्च किया है, ताकि पूरे उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत में अपने संस्थागत (इंस्टीट्यूशनल) फर्नीचर व्यवसाय का विस्तार किया जा सके।

फर्नीचर कारोबार से 15% वृद्धि हासिल करने का लक्ष्य

3,300 वर्ग फुट में फैले इस सेंटर को इस क्षेत्र के कॉर्पोरेट, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य इकाइयों और
सरकारी निकायों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।

उत्तर भारत में इंटीरियो के संस्थागत फर्नीचर की होने वाली कुल बिक्री में उत्तर प्रदेश का योगदान 25%
है। इंटीरियो राज्य से, फिलहाल, ₹75 करोड़ की आय हासिल करता है और ब्रांड एसएमई, बीएफएसआई,
शिक्षा, कॉर्पोरेट और एमएनसी ग्राहक जैसे प्रमुख खंड पर ध्यान केंद्रित कर गतिशील तथा हाइब्रिड वर्कस्पेस
(काम करने की मिली-जुली जगह) की बढ़ती मांग को पूरा कर रहा है।

इंटीरियो बाय गोदरेज में बी2बी व्यवसाय के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रमुख, समीर जोशी ने इस लॉन्च के
अवसर पर कहा: “लखनऊ संस्थागत और कॉर्पोरेट बुनियादी ढांचे के लिहाज़ मज़बूत बाज़ार के रूप में उभर
रहा है, जहां प्रमुख खंडों में निवेश आ रहा है।

संगठन अपने काम करने की जगह को आधुनिक बना रहे हैं, और ऐसे फर्नीचरों की मांग बढ़ रही है जो एर्गोनोमिक (आरामदायक) हों, मॉड्यूलर हों, और आज के दौर के लोगों के काम करने के तरीके के अनुसार बने हों। उत्तर प्रदेश में, शहरी विकास, औद्योगिक विस्तार और संस्थागत खर्च में वृद्धि के कारण इस बदलाव तेज़ी से होता दिख रहा है।

इस एक्सपीरियंस सेंटर के ज़रिये हम योजना बनाने से लेकर उसे लागू करने तक, अपने ग्राहकों के लिए सही मायने में भागीदार बनना चाहते हैं। हम वित्त वर्ष ‘28 तक उत्तर भारत के संस्थागत फर्नीचर खंड में 21% बाज़ार हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रख रहे हैं।”

भारत के संस्थागत ऑफिस फर्नीचर बाज़ार के 2026 तक 5.21 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो
काम के हाइब्रिड मॉडल, बुनियादी ढांचे के विस्तार और एर्गोनोमिक वर्कस्पेस की बढ़ती मांग के कारण 8-
11% सीएजीआर की दर से बढ़ेगा।

इस श्रेणी में एर्गोनोमिक सीटिंग और वर्कस्टेशन की बिक्री का योगदान लगभग 60% है। शैक्षणिक तथा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र भी बेहद सक्रिय हैं और 2025 से 2032 के बीच इनके 10.3% सीएजीआर की दर से वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद है।

स्कूल धीरे-धीरे आधुनिक शैक्षणिक वातावरण के अनुकूल लचीले और एर्गोनोमिक डिज़ाइनों की ओर बढ़ रहे हैं। सभी खंड के ग्राहक अब इंजीनियर्ड वुड, मेटल फ्रेम और वहनीय सामग्री की ओर बढ़ रहे हैं, जो ताज़ातरीन गुणवत्ता मानक
(बीआईएस/आईएसआई) के मुताबिक हैं।

इंटीरियो बाय गोदरेज अभी पूरे भारत में सात एक्सपीरियंस सेंटर का परिचालन कर रहा है और अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि की संभावना वाले बाज़ारों में पाँच और एक्सपीरियंस सेंटर खोलने की योजना बना रहा है। यह ब्रांड इस पूरे इलाके में बड़ी परियोजनाओं के मद्देनज़र स्थानीय उद्योगों और सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर काम करता है, और ऐसे उत्पाद प्रदान करता है जो कार्य क्षमता बढ़ाने और काम करने की जगह को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

इस इलाके में इंटीरियो के उत्पाद पोर्टफोलियो की लोकप्रियता बढ़ी है, खास तौर पर एर्गोनॉमिक कुर्सी,
वेलनेस उत्पाद और सॉफ्ट सीटिंग के मामले में। ये समाधान व्यवसायों को अपने काम करने की जगहों को
अपनी बदलती ज़रूरतों के हिसाब से ढालने में मदद करते हैं। बढ़ते को-वर्किंग और छोटे ऑफिस खंड के
लिए, इंटीरियो ने अपना सोशल ऑफिस 2.0 संग्रह लॉन्च किया है। इसे काम करने की क्षमता और आराम

बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है, ताकि कर्मचारियों को काम करने की साझा जगहों में सहजता महसूस
हो। शैक्षणिक क्षेत्र के लिए, इस ब्रांड ने के12 सीरीज़ पेश की है, जिसे आज के क्लासरूम की ज़रूरतों के
हिसाब से खास तौर पर तैयार किया गया है।

इंटीरियो, अपने एर्गोनॉमिक उत्पाद और अनुसंधान पत्रों (रिसर्च पेपर) के ज़रिए संगठनों को अपने काम करने की जगहों को नए माहौल के अनुरूप ढलने में मदद करता है जो सहयोग और कार्य क्षमता बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी से जुड़े होते हैं।

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