डोगरा के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर का स्वर्णिम अध्याय, पहली बार रणजी चैंपियन

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@BCCIdomestic

घरेलू क्रिकेट के मंच पर वर्षों से सपने देख रही जम्मू-कश्मीर की टीम ने आखिरकार वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसका इंतजार पीढ़ियों से था। संयमित रणनीति, सामूहिक प्रदर्शन और बड़े मैच के दबाव में परिपक्व खेल दिखाते हुए टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी अपने नाम की।

कप्तान पारस डोगरा के नेतृत्व में फाइनल में ऐसा नियंत्रण कायम रहा कि मुकाबला ड्रॉ होने के बावजूद ट्रॉफी जम्मू-कश्मीर की झोली में गई। हुबली के डी.आर. बेंद्रे क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में कर्नाटक क्रिकेट टीम के खिलाफ पहली पारी में 291 रन की विशाल बढ़त निर्णायक साबित हुई।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला पूरी तरह सफल रहा। शीर्ष क्रम से लेकर मध्यक्रम तक हर बल्लेबाज ने जिम्मेदारी निभाई। शुभम पुंडिर ने 121 रन की सधी हुई पारी खेलकर पारी की धुरी संभाली। यावेर हसन खान (88) ने उनका बखूबी साथ निभाया।

साहिल लोतरा (72), कन्हैया वधावन (70) और कप्तान पारस डोगरा (70) के योगदान से टीम 584 रन के विशाल स्कोर तक पहुंची। फाइनल जैसे मुकाबले में यह स्कोर विपक्ष पर मानसिक दबाव बनाने के लिए काफी था।

जवाब में कर्नाटक की टीम 293 रन पर सिमट गई। कप्तान मयंक अग्रवाल ने 160 रन की जुझारू पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से समर्थन नहीं मिला।

जम्मू-कश्मीर की ओर से औकिब नबी ने 5 विकेट लेकर मैच का रुख पलट दिया। सुनील कुमार और युदवीर सिंह ने 2-2 विकेट झटके, जबकि साहिल लोतरा ने भी एक सफलता हासिल की। पहली पारी की 291 रन की बढ़त ने मैच की दिशा लगभग तय कर दी।

दूसरी पारी की शुरुआत लड़खड़ाती हुई रही और टीम ने 11 रन पर 2 विकेट गंवा दिए। लेकिन इसके बाद कामरान इकबाल और साहिल लोतरा ने जिम्मेदारी उठाई।

कामरान 160 रन बनाकर नाबाद लौटे, जबकि लोतरा ने 101 रन की नाबाद शतकीय पारी खेली। दोनों के बीच 197 रन की अटूट साझेदारी ने कर्नाटक की वापसी की उम्मीदें खत्म कर दीं। लोतरा के शतक के बाद कप्तान ने 4 विकेट पर 342 रन बनाकर पारी घोषित कर दी।

मुकाबला ड्रॉ रहा, मगर पहली पारी की बढ़त के आधार पर जम्मू-कश्मीर को विजेता घोषित किया गया। यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि राज्य के क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गई। शुभम पुंडिर को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि औकिब नबी को पूरे टूर्नामेंट में निरंतर प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का सम्मान मिला।

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