मशहूर अभिनेता निर्मल पांडेय की याद में निर्मल पांडेय स्मृति न्यास, ए स्क्वायर एंटरटेनमेंट, चम्बल सिने प्रोडक्शन और पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग शिया पीजी कॉलेज, लखनऊ की तरफ से एक दिवसीय चतुर्थ निर्मल पांडेय स्मृति फिल्म फेस्टिवल का गुरुवार को आयोजन किया गया। इसमें थिएटर व फिल्म जगत के मशहूर कलाकार मौजूद रहे।
निर्मल पांडेय स्मृति फिल्म फेस्टिवल
रघुबीर यादव ने अपना प्रसिद्ध गाना महंगाई डायन खाए जाता है गाया जिससे उन्होंने मौजूद दर्शकों का मन मोह लिया। दर्शकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब से ओटीटी का चलन बढ़ा है इससे हम जैसे कलाकारों को मनोबल बढ़ा है। अब कलाकारों को और ज्यादा मौका मिलता है।
उन्होंने कहा कि यह हम सब की आदत है की हमारी प्रतिभा अंदर छुपी रहे जाती है। यही सब खूबियां सपने में निकल कर आती है। कई बार जिंदगी चलाने में हमारी खूबियां रह जाती है, वही सब सपने में निकल निकल कर आती है। वही चीज मैंने मुंगेरी लाल के सपने के किरदार में किया था।
सीमा बिस्वास ने कहा कि शेखर जी ने मेरा प्ले देखा और मुझे स्क्रिप्ट पढ़ने के लिए दी। जब मैं एनएसडी में थी तो नसीर भाई ने कहा था बॉम्बे से कभी काम आए तो स्क्रिप्ट मांगना और बैंडिट क्वीन के लिए मैंने यही किया था। रोल को देखते हुए मैंने काफी समय लिया लेकिन अंत में हाँ कर दी।
दिग्गज एक्टर निर्मल पांडेय को फ़िल्म जगत के सितारों ने किया याद
निर्मल पांडेय के साथ काम करने का अनुभव अच्छा रहा था, उनके जैसे कलाकार के साथ काम करने से बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
डॉ कुमार विमलेन्दु कहा कि लखनऊ में आना सौभाग्य की बात है। इस नगरी में कलाकारों की मौजूदगी हमेशा रहती है। निर्मल पांडेय जैसे कलाकारों को पढ़ना चाहिए ताकि लोग जान सके की अभिनय करना कितना मुश्किल कार्य है।
आर्ट डायरेक्टर जयंत देखमुख ने कहा कि मैं जहाँ भी शूटिंग के लिए जाता हूँ तो वहां की पर्यवरण स्क्रिप्ट के हिसाब से बदल देता हूँ। एक बार मैंने कुँए को चबूतरे के माध्यम से सामान्य ज़मीन में परिवर्तन कर दिया था।
इस मौके पर अभिनेता रघुबीर यादव को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। सीमा बिस्वास को एक्टिंग आइकॉन अवार्ड दिया गया। अभिनेता कुमुद मिश्रा को भी एक्टिंग आइकॉन अवार्ड से नवाज़ा जाना था लेकिन व्यक्तिगत कारणों से वह नहीं आ सके, उनकी जगह अवार्ड अनिल दुबे ने प्राप्त किया।
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कार्यक्रम की शुरुवात, दीप प्रजव्वलन के साथ किया गया। इस दौरान फिल्म निदेशक व लेखक अनिल दुबे, अभिनेता अक्षित चटर्जी, शिया कॉलेज के पत्रकारिता विभाग के कोऑर्डिनेटर डॉ प्रदीप शर्मा व अन्य हस्तियां मौजूद रही।
बताते चले कि फिल्म फेस्टिवल में 15 शार्ट फिल्म, 2 डाक्यूमेंट्री, एक फीचर फिल्म के साथ साथ अभिनेता यशपाल शर्मा की मशहूर फिल्म ‘दादा लख्मी’ की स्पेशल स्क्रीनिंग की गयी।
फीचर फिल्म केटेगरी: बेस्ट फीचर फिल्म अवार्ड – “गन्दा बच्चा”, बेस्ट निर्देशक अवार्ड – “अनुपम घोष”, बेस्ट सिनिमॅटोग्रफर अवार्ड “सप्तऋषि प्रतिम”, बेस्ट एक्टर अवार्ड – “सद्दाम हुसैन”, बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड – “मीरा घोष”, बेस्ट म्यूजिक अवार्ड – “हर्ष व्यास”, बेस्ट राइटर अवार्ड – “सूरज जैसवाल”, बेस्ट एडिटर अवार्ड – “स्वपनिल कल्बेंडे” को सम्मानित किया गया।
शार्ट फिल्म केटेगरी: बेस्ट शार्ट फिल्म अवार्ड – “इत्तर”, बेस्ट निर्देशक अवार्ड – “श्याम राउत”, बेस्ट सिनिमॅटोग्रफर अवार्ड “सरन ऋषि”, बेस्ट एक्टर अवार्ड – “भारत श्रीसंथ”, बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड – “स्नेहा शर्मा”, बेस्ट म्यूजिक अवार्ड – “शशांक सिंह थापा”, बेस्ट राइटर अवार्ड – “तनवीर आलम”, बेस्ट एडिटर अवार्ड – “राहुल भारदवाज”, बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट अवार्ड – “भूमिका चौधरी”, बेस्ट जूरी अवार्ड – “भारत”, स्पेशल मेंशन अवार्ड – “बट्टी” को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा हिंदुस्तान टाइम्स के डिप्टी रेजिडेंट एडिटर प्रांशु मिश्रा, प्रिंसिपल शिया पीजी कॉलेज प्रो एस एस आर बाक़री, डायरेक्टर सेल्फ फाइनेंस डॉ एम एम अबू तय्यब, विभाग अध्यक्ष एशियन कल्चर डॉ सीमा राना , पत्रकारिता विभाग शिया कॉलेज के संयोजक डॉ प्रदीप शर्मा को गेस्ट औफ ऑनर का स्मृति चिन्ह देकर समान्नित किया गया।
अंत में बेस्ट एसोसिएट के अवार्ड से चम्बल सिने प्रोडक्शन, ए स्क्वायर एंटरटेनमेंट, शिया पीजी कॉलेज व भारतेन्दु नाट्य अकादेमी को सम्मानित किया गया।