श्वसन रोगियों के लिए लखनऊ में निःशुल्क पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन की पहल

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लखनऊ: शहर में पहली बार ट्रांसपोर्ट नगर स्थित, 2050 हेल्थकेयर द्वारा निःशुल्क पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन कैंप का सफल आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्वसन रोग से पीड़ित मरीजों ने भाग लिया।

इस कैंप का उद्देश्य COPD, अस्थमा, इंटरस्टिशियल लंग डिज़ीज़, फेफड़ों के कैंसर, सिस्टिक फाइब्रोसिस और पल्मोनरी हाइपरटेंशन जैसे दीर्घकालिक फेफड़ों के रोगों से जूझ रहे लोगों में जागरूकता बढ़ाना और उन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन सेवाएं उपलब्ध कराना था।

कैंप का संचालन पल्मोनोलॉजिस्ट, टीबी एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल राठौर ने किया, जिन्हें फेफड़ों से संबंधित रोगों के उपचार और पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन में 17 से अधिक वर्षों का क्लिनिकल अनुभव है।

डॉ. राठौर ने प्रतिभागियों को बताया कि पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन से सांस लेने की क्षमता में सुधार, फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ने, थकान में कमी और समग्र जीवन गुणवत्ता बेहतर होने में मदद मिलती है, विशेष रूप से COPD और अन्य क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिज़ीज़ वाले मरीजों में।

कैंप के दौरान मरीजों को निःशुल्क पल्मोनोलॉजी परामर्श, फेफड़ों की स्वास्थ्य जांच, पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (PFT), धूम्रपान छोड़ने के लिए मार्गदर्शन, पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन सत्र तथा स्लीप टेस्ट परामर्श जैसी सेवाएं प्रदान की गईं।

शामिल मरीजों और परिजनों ने बताया कि कैंप के माध्यम से उन्हें बीमारी को समझने, सही व्यायाम तकनीकें सीखने और दवाओं के साथ‑साथ जीवनशैली में बदलाव के महत्व को जानने का अवसर मिला।

2050 हेल्थकेयर के प्रतिनिधियों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कैंप और दीर्घकालिक रिहैबिलिटेशन कार्यक्रमों के माध्यम से लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों के श्वसन रोगियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि उचित समय पर निदान, नियमित फॉलो‑अप और संरचित रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम से अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता कम की जा सकती है और मरीज अधिक सक्रिय व स्वतंत्र जीवन जी सकते हैं।

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