यूपी के खिलाड़ियों के कम पदक प्राप्त करने पर मंत्री ने जताया असंतोष

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लखनऊ: बीबीडी बैडमिन्टन एकेडमी, गोमतीनगर, लखनऊ में उत्तर प्रदेश के  राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), खेल एवं युवा कल्याण विभाग गिरीश चन्द्र यादव की अध्यक्षता में प्रदेशीय खेल संघों के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई।

बैठक में समीक्षा के दौरान अवनीश अवस्थी, सलाहकार, मुख्यमंत्री, यूपी, मनीष चौहान (प्रमुख सचिव, खेल), खेल निदेशक डा.आरपी सिंह, उत्तर प्रदेश ओलम्पिक संघ के महासचिव डा. आनन्देश्वर पाण्डेय सहित प्रदेशीय खेल संघों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

राज्यमंत्री गिरीश चन्द्र यादव ने प्रदेशीय खेल संघों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की

बैठक के दौरान मंत्री द्वारा सर्वप्रथम उत्तराखण्ड में आयोजित हुए नेशनल गेम्स में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों के कम पदक प्राप्त करने पर असंतोष व्यक्त किया गया। प्रदेशीय खेल संघों के पदाधिकारियों से अपेक्षा की गयी कि नेशनल गेम्स में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को भेजा जाए जिससे पदक प्राप्त कर प्रदेश को गौरन्वित कर सकें।

मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जो भी प्रतियोगिताएं खेल विभाग के द्वारा करायी जाती हैं उनका व्यापक प्रचार-प्रसार जिला/मण्डल किया जाए। इसी प्रकार युवा कल्याण विभाग द्वारा जो भी प्रतियोगिताएं करायी जाएं उनका भी व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, जिससे ग्रामीण स्तर के अधिक से अधिक खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग ले सकें।

बैठक के दौरान प्रमुख सचिव खेल द्वारा निर्देश दिए गए कि जिला/मण्डल स्तर पर खिलाड़ियों की रेगुलर ट्रेनिंग हो, किट उपलब्ध कराया जाए। जिससे उनको अपनी प्रतिभा को दिखाने का मौका मिल सके।

सरकार की प्राथमिकताओं एवं विभागीय कार्यकलापों का अनुपालन सही एवं सुचारु ढंग से किया जाय। खेल के प्रति विशेष रुप से ध्यान दिया जाए तथा अधिक से अधिक खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जाए ताकि उपलब्ध खेल अवस्थापनाओं का सदुपयोग हो सके।

निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि प्रदेशीय खेल संघ नेशनल गेम्स में अपेक्षा अनुसार प्रदर्शन नही कर पाए, जिससे उत्तर [प्रदेश को नेशनल गेम्स में कम पदक प्राप्त हुए। प्रदेशीय खेल संघों को दी जा रही अनुदान राशि रू0 15000, जो कि वर्तमान समय में काफी कम है को बढ़ाया जाना आवश्यक प्रतीत होता है।

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बैठक में यह भी मत स्थिर किया गया है कि मान्यता/सम्बद्धता प्राप्त खेल में उन्हीं खेलों की अन्य टीमें नेशनल गेम्स एवं राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में प्रतिभाग करती हैं जैसे- हैण्डबाल में बीच हैण्डबाल, वालीबाल में बीच वालीबाल, हॉकी में फाइव ए साइड हॉकी, कबड्डी में बीच कबड्डी, उन्हें मान्यता/सम्बद्धता प्राप्त खेल संघों की भांति समस्त शासकीय सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी।

इसके अतिरिक्त भाग लेने वाले प्रदेशीय क्रीडा संघो के मैनेजर, प्रशिक्षक, सहायक प्रशिक्षक, फिजियोथेरेपिस्ट आदि को भी किट आदि की सुविधा उपलब्ध करायी जाय।

प्रदेशीय खेल संघों द्वारा अपने-अपने खेलों में प्रशिक्षकों की संख्या बढ़ाये जाने तथा पदक विजेता खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा नौकरी दिए जाने की मांग की गयी। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ प्रदेशीय खेल संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक समाप्त की गयी।

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