ओडिशा की रग्बी खिलाड़ी निर्मलया राउत देख रही है बड़े सपने

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पणजी। ओडिशा का बरगढ़ जिला देश के पिछड़े जिलों में से एक माना जाता है लेकिन यहां की लड़कियां सोच में काफी आगे हैं। पिछड़ेपन को नकारते हुए यहां की बेटियां अब सपने देखने लगी हैं और उसे पूरा करने के लिए मेहनत भी कर रही हैं। इन्हीं में से एक हैं निर्मलया राउत, जो गोवा में जारी 37वें नेशनल गेम में रग्बी में अपना बेस्ट देने आ चुकी हैं।

निर्मलया के पिता वासुदेव राउत एक किसान हैं। घर में मां और पिता के अलावा एक भाई और बहन हैं। पिता ने जैसे-तैसे बेटी को पढ़ने के लिए भुवनेश्वर भेजा और बेटी ने पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को भी अपना लिया और इन्हीं की बदौलत आज नाम कमा रही है।

बतौर कप्तान अपनी टीम को खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2023 में रग्बी सेवन्स में स्वर्ण दिलवा चुकीं राउत ने कहा, “मेरा बचपन काफी मुश्किलों भरा था , परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी और हम तीन भाई बहन थे, ऐसे में गुज़ारा करना मुश्किल था।”

उन्होंने बताया, ” मैं ओडिशा के लिए जूनियर नेशनल और सीनियर नेशनल में भी खेल चुकी हूं। जूनियर नेशनल 2022 में बिहार में हुआ था। उसमें हमारी टीम को दूसरा स्थान मिला था जबकि, 36वें राष्ट्रीय खेलों (गुजरात) में ओडिशा की टीम चैंपियन रही थी और स्वर्ण पदक जीता।”

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वह अपने पिता के कहने पर वह गांव से निकली और भुवनेश्वर की ओर रुख़ किया, जहां उन्होंने कलिंगा इंस्टीट्यूट आफ सोशल साइंस में एडमिशन लिया और वहीं इस खेल को पहली बार देखा था। निर्मलया कहती हैं, “पहली बार मैं जब भुवनेश्वर आई तो इस खेल को देखा। मुझे यह अच्छा लगा और मैं इसमें रम गई।

अब मैं इसमें अपना उज्जवल भविष्य देखती हूं।” उन्होंने आगे कहा, ” जब से मैंने रग्बी खेलना शुरू किया तब से धीरे-धीरे मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है और मैं अब अपने भाई बहनों को भी एक बेहतर भविष्य देना चाहती हूं और इसी खेल में देश का प्रतिनिधित्व करना चाहती हूं।”

एशियाई रग्बी अंडर -18 चैंपियनशिप (काठमांडू) रजत पदक विजेता टीम का हिस्सा रहीं 18 वर्षीय खिलाड़ी कहती हैं, “हर मैच से पहले थोड़ा डर लगता है पर जैसे ही पहला मैच खत्म होता है तो अपने आप ही जीतने का जोश अंदर भर जाता है और टीम का उत्साह देखकर मेरे मन में डटकर मुकाबला करने का हौसला आ ही जाता है।”

निर्मलिया गोवा में हो रहे 37वें राष्ट्रीय खेलों में अपनी टीम के साथ रग्बी के मैदान पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है , पदक जीतने का प्रण लेकर आई उड़ीसा टीम पूरे जोश के साथ अपने प्रतिद्वंदियों को कड़ी चुनौती देगी।

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