नई दिल्ली। भारत-ब्रिटेन की संयुक्त उद्यम उपग्रह संचार कंपनी वनवेब ने मंगलवार को श्रीहरिकोटा से किए जाने वाले प्रक्षेपण से पहले सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी-एसएचएआर) में 36 उपग्रहों के आगमन की घोषणा की। इस लॉन्च से वनवेब के अपने जेन 1 एलईओ श्रृंखला के 70 प्रतिशत से अधिक उपग्रह कक्षा में स्थापित कर चुका है।
लॉन्च से पहले भारत पहुंचे उपग्रह संचार कंपनी के उपग्रह
जो दुनिया भर में हाई स्पीड- लो लेटेंसी कनेक्टिविटी सेवाएं देने की ओर अग्रसर है। वनवेब के सीईओ, नील मास्टर्सन ने एक बयान में कहा, “उद्योग सहयोग के लिए वनवेब से हमेशा बदलते वैश्विक परिवेश को सफलतापूर्वक नेविगेट करने और एक और मील का पत्थर लॉन्च करने की तैयारी करने में सफलता मिली है।”
वनवेब की इस के लिए भारत की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की वाणिज्यिक शाखा, न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) से भागीदारी है।
मास्टर्सन ने कहा, “हमें सबसे कठिन स्थानों तक वैश्विक कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए अनुकूलित करने और ट्रैक पर बने रहने की हमारी क्षमता पर गर्व है।”
उन्होंने कहा, “हमारे शीर्ष साझेदार इसरो और एनएसआईएल के साथ-साथ शेयरधारक भारती ग्लोबल को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद, जिससे हम श्रीहरिकोटा इंडिया में इस आगामी अग्रणी लॉन्च कर रहे है।”
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यह प्रक्षेपण कंपनी का कुल 14वां प्रक्षेपण होगा और उपग्रहों को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सबसे भारी इसरो रॉकेट, जीएसएलवी-एमके 3 द्वारा कक्षा में स्थापित किया जाएगा। इस वर्ष एक अतिरिक्त प्रक्षेपण होगा और उपग्रहों के नक्षत्र को पूरा करने के लिए अगले वर्ष की शुरुआत में तीन और का लक्ष्य रखा गया है।
न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक राधाकृष्णन डी ने कहा, ” जीएसएलवी-एमके3 पर 36 वनवेब उपग्रहों का प्रक्षेपण एनएसआईएल और इसरो के लिए ऐतिहासिक पल है।” आगामी लॉन्च वनवेब के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण होगा, जो अगले साल वैश्विक कवरेज देने की दिशा में जबरदस्त गति और प्रगति का प्रदर्शन करेगा।