पडिक्कल का दोहरा शतक, 689 रन का पहाड़, कर्नाटक ने मजबूत की पकड़

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रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में कर्नाटक ने धैर्य, तकनीक और आक्रामकता के संगम से ऐसा बल्लेबाजी प्रदर्शन किया है, जिसने मुकाबले को लगभग उसकी मुट्ठी में ला दिया है। विशाल स्कोर खड़ा कर टीम ने न सिर्फ बढ़त बनाई, बल्कि उत्तराखंड पर मानसिक दबाव भी साफ तौर पर बढ़ा दिया है।

कर्नाटक ने छह विकेट पर 689 रन बनाकर अपनी स्थिति अत्यंत मजबूत कर ली है। इस रन-पर्व के केंद्र में कप्तान देवदत्त पडिक्कल रहे, जिन्होंने अपने प्रथम श्रेणी करियर का पहला दोहरा शतक जमाते हुए 330 गेंदों पर 232 रन बनाए। उनकी पारी में 29 चौके और तीन छक्के शामिल रहे।

उन्होंने 288 गेंदों में दोहरा शतक पूरा किया और विपक्षी गेंदबाजों को थका दिया। दूसरे दिन टीम ने दो विकेट पर 355 रन से आगे खेलना शुरू किया और उसी लय को कायम रखा।

पडिक्कल ने करूण नायर (60) के साथ तीसरे विकेट के लिए 129 रन की साझेदारी कर पारी को नई ऊंचाई दी। अभय नेगी ने नायर को आउट कर सफलता दिलाई, लेकिन तब तक कर्नाटक पूरी तरह नियंत्रण में आ चुका था।

इसके बाद रविचंद्रन स्मरण ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 191 गेंदों में 121 रन की नाबाद पारी खेली, जिसमें 11 चौके शामिल रहे। कृतिक कृष्णा (60) के साथ उनकी 123 रन की साझेदारी ने स्कोर को और मजबूती दी। बाद में विद्याधर पाटिल (नाबाद 35) के साथ सातवें विकेट के लिए 81 रन की अटूट साझेदारी ने कर्नाटक को 689/6 तक पहुंचा दिया।

इस मजबूत स्थिति की नींव पहले दिन ही पड़ गई थी, जब केएल राहुल ने 141 रन की सधी हुई पारी खेली थी। राहुल की शतकीय शुरुआत ने उत्तराखंड के गेंदबाजों पर शुरुआती दबाव बना दिया, जिसे बाद के बल्लेबाजों ने पूरी तरह भुनाया।

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