रेलकर्मियों और रंगकर्मियों ने सफदर और रामबहादुर नेपाली को किया नमन

0
173

लखनऊ। जानेमाने संस्कृतिकर्मी, लेखक एवं नाटककार सफदर हाशमी और रामबहादुर नेपाली की पुण्यतिथि पर शहर के रंगकर्मियों ने नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। कार्यक्रम गुरुवार को आलमबाग स्थित सवारी माल डिब्बा कारखाना में अमुक आर्टिस्ट ग्रुप एवं उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन की ओर से हुआ।

पुण्यतिथि पर सवारी माल डिब्बा कारखाना में अमुक आर्टिस्ट ग्रुप एवं एनआर मजदूर यूनियन का आयोजन 

कार्यक्रम की शुरुआत सफदर हाशमी और रामबहादुर नेपाली के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के शाखा मंत्री अरविंद सिंह, शाखा अध्यक्ष दिनेश यादव,

शाखा उपाध्यक्ष अभिनीत कुमार जैन, जूनियर इंजी. राम अवतार सिंह, वरिष्ठ खंड अभियंता जितेंद्र कुमार वर्मा, अमुक आर्टिस्ट ग्रुप के मुखिया संस्कृतिककर्मी अनिल मिश्र गुरू ने सफदर हाशमी और राम बहादुर नेपाली के चित्र पर श्रद्धासुमन आर्पित कर उन्हें नमन किया।

नाट्य प्रस्तुति से पहले कलाकारों ने जनगीतों की प्रभावी प्रस्तुति कर कर्मचारियों में जोश भर दिया। एक के बाद एक शानदार गीतों से पूरा देशभक्ति का वातावरण बना दिया।

अनिल मिश्र गुरुजी के निर्देशन, परिकल्पना एवं लेखन में हम क्रांति करेंगे का प्रभावपूर्ण मंचन हुआ। जिसमें शशांक पांडेय, अनामिका सिंह, शोभित राजपूत, राहुल प्रताप सिंह एवं ज्योति ने भावपूर्ण अभिनय किया।

उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के शाखा मंत्री अरविंद सिंह ने कहा कि सफदर हाशमी और राम बहादुर नेपाली की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता।

उनके सामाजिक योगदान को हमेशा याद किया जाता रहेगा। रेलवे के कार्यरत सभी कर्मियों जो न्यू पेंशन स्कीम के तहत हैं, उन सभी को पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ दिलाने के लिए प्रयासरत है।

रेलवे में उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन एक मात्र यूनियन ऐसी है, जो रेल कर्मियों की पुरानी पेंशन के लिए संघर्षरत है। कर्मियों के हक का यह संघर्ष आगे जारी रहेगा।

उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के उपाध्यक्ष अभिनीत कुमार जैन ने सफदर और रामबहादुर के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए कहा कि आज के समय में संस्कृतिकर्मी सफदर और राम बहादुर नेपाली जैसी विभूतियों की जरूरत है। हम उनकी शहादत को नमन करते हैं।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार राजवीर रतन, नाट्य निर्देशक धरमश्री सिंह, अनूप मिश्र, अध्ययन, आद्या, अभिनेता सोनल ठाकुर, शाश्वत शुक्ल, जादूगर सुरेश, चित्रकार विनोद विश्वकर्मा, समेत अनेक नाट्यकर्मी व रेलकर्मी मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें : लोकशैली में सजी ‘धनुष भंग – रामलीला’, दर्शकों ने खूब सराहा मंचन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here