पिछले साल रिलीज हुई लाल सिंह चड्ढा बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी। आमिर के कजिन, फिल्म मेकर मंसूर खान ने इस बारे में एक खुलासा करते हुए बताया कि यह फिल्म देखकर राजामौली ने आमिर से बोला था कि फिल्म में उन्होंने बहुत ओवरएक्टिंग की है।
इस फिल्म ने पहले दिन 11 करोड़ रुपए की कमाई की थी। ओपनिंग वीकेंड पर इसका कलेक्शन 38 करोड़ रुपए रहा था। फिल्म का लाइफटाइम कलेक्शन 58 करोड़ रुपए रहा। अद्वैत चंदन निर्देशित इस फिल्म में आमिर के अपोजिट करीना कपूर दिखाई दी थीं।
मंसूर ने आगे बोला, ‘मैं और आमिर एक दूसरे से काफी फ्रैंक हैं। हम एक दूसरे से फीडबैक साझा करते हैं। मुझे फिल्म की स्क्रिप्ट पसंद आई थी।

मेरे हिसाब से राइटर अतुल कुलकर्णी ने अपना काम अच्छे तरीके से किया था पर मुझे लगता है कि आमिर इसमें ओवर एक्सप्रेशन दे गए। उनकी एक्टिंग थोड़ी ओवर हो गई और यह बात मैंने आमिर से भी कही थी। ओरिजिनल फिल्म में टॉम हैंक्स ने जो किया वो एकदम सटीक था।
एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए मंसूर ने कहा, ‘आमिर का सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का है। उन्होंने एक दिन मुझे हंसते हुए बताया कि जब मैंने उनसे यह कहा था तब उन्हें फर्क नहीं पड़ा।
बाद में जब राजामौली जैसे बड़े शख्स ने उनसे कहा कि ओवरएक्टिंग लग रहा है तब आमिर को लगा कि अगर इसको भी लग रहा है तो वाकई ओवरएक्टिंग होगा।
मंसूर बोले, ‘आमिर की इस फिल्म ने बॉयकॉट बॉलीवुड कॉल्स भी फेस किए। एक अच्छी फिल्म बॉयकॉट कॉल्स के बावजूद भी अच्छा परफॉर्म करती है। जब यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फेल हुई तो यह आमिर के लिए सेट बैक था।
मंसूर ने 1988 में रिलीज हुई आमिर की डेब्यू फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ का निर्देशन किया था। दोनों ने साथ में ‘जो जीता वोही सिकंदर’ और ‘अकेले हम अकेले तुम’ में भी साथ काम किया था।