भारतीय निशानेबाज मंगलवार से शुरू हो रहे राइफल/पिस्टल विश्व कप में खुद को एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करने की कोशिश करेंगे।
प्रतियोगिता की शुरुआत 10 मीटर एयर राइफल और एयर पिस्टल स्पर्धाओं से होगी। अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी और उनके उच्च स्तर को देखते हुए भारतीय निशानेबाजों के लिए राह आसान नहीं रहने वाली है।
पिस्टल वर्ग में एशियाई खेलों की चैंपियन पलक गुलिया, 25 मीटर पिस्टल के 2024 जूनियर विश्व चैंपियन मुकेश नेलावल्ली के साथ जोड़ी बनाएंगी। 2025 विश्व कप फाइनल्स की रजत पदक विजेता संयम और उज्ज्वल मलिक भी मिलकर चुनौती पेश करेंगे।
राइफल/पिस्टल विश्व कप
भारत की मिश्रित जोड़ियों को ओलंपिक और विश्व चैंपियन जोड़ियों की मौजूदगी में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा, जिसमें चीन की टीम भी है। चीनी टीम ने इस साल नई दिल्ली में हुई एशियाई चैंपियनशिप में भाग नहीं लिया था, लेकिन इस प्रतियोगिता के लिए उन्होंने दो विश्व स्तरीय जोड़ियों को उतारा है।
मौजूदा मिश्रित टीम विश्व चैंपियन हू काई और याओ कियानक्सुन के साथ-साथ पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शी यू और जूनियर विश्व चैंपियनशिप की पूर्व पदक विजेता शेन यियाओ भी अन्य प्रतिभागियों के लिए कड़ी चुनौती साबित होंगे।
अन्य प्रमुख जोड़ियों में तुर्की की पेरिस ओलंपिक रजत पदक विजेता सेव्वाल इलायदा तारहान और यूसुफ डिकेच, सर्बिया की जोराना अरुनोविक और दामिर माइकक की जोड़ी, हंगरी की वेरोनिका मेजर और अकोस कैरोली नागी, तथा जर्मनी के क्रिश्चियन रिट्ज और स्वेन्जा बर्गे शामिल हैं।
10 मीटर एयर राइफल वर्ग में भारत की ओर से सोनम मस्कर और गजानन खंडागले तथा श्रुति और अर्शदीप सिंह की जोड़ियां हिस्सा लेंगी।
युवा निशानेबाजों से सजी भारतीय मिश्रित टीमें बेहद मजबूत विरोधियों का सामना करेंगी, जिनमें चीन की दुनिया की नंबर एक और मौजूदा विश्व चैंपियन जोड़ी शेंग लिहाओ और वांग जिफेई भी शामिल है। इसके अलावा चीन की दूसरी जोड़ी मा सिहान और झांग कियानयिंग भी प्रतिस्पर्धा में हैं।
पदक की दौड़ में शामिल अन्य जोड़ियों में नॉर्वे के जेनेट हेग ड्यूस्टैड और जॉन हर्मन हेग, जर्मनी के मौजूदा 10 मीटर एयर राइफल पुरुष विश्व चैंपियन मैक्सिमिलियन डैलिंगर और हन्ना स्टेफेन डिक्स, तथा हंगरी के इस्तवान पेनी और एज्टर डेनेस शामिल हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) की चयन नीति के अनुसार घरेलू राष्ट्रीय रैंकिंग में चौथे से छठे स्थान पर रहने वाले निशानेबाजों को इस प्रतियोगिता के लिए चुना गया है। इस साल के अंत में दोहा में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए शुरुआती कोटा स्थान दिए जाएंगे।
ऐसे में दुनिया भर के शीर्ष निशानेबाज इस प्रतियोगिता के जरिए खुद को परखने के लिए उत्सुक हैं। साथ ही यह भारत के लिए भी एक बेहतरीन अवसर है कि वह आगामी एशियाई खेलों को ध्यान में रखते हुए अपनी टीम की गहराई और तैयारियों का आकलन कर सके।
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