पर्थ, ऑस्ट्रेलिया : एएफसी महिला एशियन कप में बुधवार, 4 मार्च 2026 से पहले भारत की ओर से आखिरी गोल तब हुआ था जब सानफिदा नोंगरम का जन्म भी नहीं हुआ था।
लेकिन बुधवार को पर्थ रेक्टैंगुलर स्टेडियम में एएफसी महिला एशियन कप ऑस्ट्रेलिया 2026 में वियतनाम के खिलाफ भारत के पहले मैच में सानफिदा नोंगरम ने इतिहास रच दिया।
यह गोल सिर्फ एक गोल नहीं था, यह उनके सीनियर भारतीय टीम के लिए पदार्पण पर आया गोल था। और मंच भी कोई साधारण नहीं, बल्कि महाद्वीप का सबसे बड़ा टूर्नामेंट था।
सानफिदा ने हाफ-टाइम के बाद बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर उतरते ही 52वें मिनट में गोल कर भारत को बराबरी दिलाई। इस पल का महत्व सिर्फ स्कोरशीट पर एक नाम से कहीं ज्यादा था।
इस गोल ने महाद्वीपीय मंच पर भारत की गोल करने की वापसी दर्ज कराई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नए चेहरे के आगमन की घोषणा भी की। हालांकि सानफिदा के लिए गोल की खुशी के साथ-साथ मैच के नतीजे की निराशा भी थी।
उन्होंने मैच के बाद कहा, “भारत के लिए अपने पदार्पण मैच में पहला गोल करने से मैं खुश हूं, लेकिन आखिरी पलों में मैच हारने का दुख भी है। हम इससे सीख लेंगे और जापान के खिलाफ अगले मैच के लिए आगे बढ़ेंगे।”
भारत की मुख्य कोच अमेलिया वाल्वेर्दे ने दूसरे हाफ में आक्रमण में ऊर्जा लाने के लिए इस युवा खिलाड़ी को मैदान पर उतारा था और उनका यह फैसला तुरंत असरदार साबित हुआ। कोस्टा रिका की कोच ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इस बदलाव के प्रभाव को रेखांकित किया।
ये भी पढ़ें : एएफसी महिला एशियन कप 2026: वियतनाम ने भारत को 2-1 से हराया













