ओलंपिक खेलों में पोडियम पर पहुंचने की शरथ कमल की चाहत

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सूरत: भारतीय टेबल टेनिस दिग्गज अचंत शरथ कमल ने कहा कि वह 12 सालों के अंतराल के बाद राष्ट्रीय खेलों में शिरकत करने के लिए उत्सुक हैं और उन्होंने गुजरात के आयोजकों को शीर्ष खिलाड़ियों के कार्यक्रम के प्रति संवेदनशील होने और 29 सितंबर को होने वाले भव्य उद्घाटन समारोह से पहले टेटे इवेंट्स को कराने के लिए धन्यवाद दिया।

कहा- लक्ष्य निर्धारित करना और उनको पाने की कोशिश से मिलती है प्रेरणा

40 वर्षीय शरथ ने कहा, “वर्ल्ड चैम्पियनशिप उसी समय हो रही हैं जब नेशनल गेम्स का आयोजन होने जा रहा। इसलिए, आयोजकों ने यहां टेबल टेनिस स्पर्धा का आयोजन थोड़ा पहले कर दिया। यह वास्तव में उनके लिए अच्छा है, और हम इसकी सराहना करते हैं और अपने मैचों को खेलने को लेकर भी अच्छा महसूस करते हैं।

वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिए यह हमारा एक अच्छा अभ्यास है।” शरथ ने 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन स्वर्ण और एक रजत जीतकर साबित किया है कि उम्र केवल एक नंबर है। उन्होंने कहा, “मैंने आखिरी बार 2011 में नेशनल गेम्स खेला था और अब मैं एक और संस्करण खेलने आया हूं।

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यहां व्यवस्थाओं को देखकर अच्छा लग रहा है। ये ना केवल शीर्ष स्तर के खिलाड़ियों के लिए बल्कि यहां मौजूद सभी खिलाड़ियों के लिए भी स्तरीय हैं।” 10 बार के राष्ट्रीय चैम्पियन शरथ भारतीय टेबल टेनिस में कई युवा सितारों के उभरने के बावजूद मजबूत होते जा रहे हैं।

शरथ कमल जोर देकर कहते हैं कि गोल निर्धारित करना और हर उपलब्धि हासिल करने के बाद उच्च लक्ष्य निर्धारित करने की कोशिश करना उनकी सफलता का नुस्खा रहा है।  उन्होंने कहा, “इन सभी वर्षों में मैंने एक लक्ष्य निर्धारित किया है और फिर मैं इस पाने के लिए काम करता हूं।

2016 के ओलंपिक गेम्स के बाद मुझे लगा कि मुझे एशियन गेम्स 2018 में बेहतर प्रदर्शन करना है और उसके बाद 2020 ओलंपिक में लक्ष्य पदक जीतना था लेकिन मैं राउंड 32 में हार गया। मैं लक्ष्य निर्धारित करने में सक्षम हूं और यह मुझे सही दिशा में काम करने के लिए मदद करता है।”

शरथ ने इस साल बर्मिंघम में खिताब को फिर से हासिल करने के अतिरिक्त मिश्रित युगल और टीम स्वर्ण पदक भी जीते। उन्होंने कहा, “हमेशा यह लक्ष्य होता है कि अगर मैं किसी चीज से चूक गया तो मुझे बाद में उसे करने का मौका मिले।

उदाहरण के लिए, मैंने 2006 में सिंगल्स मेडल जीता था और जब मैंने 2018 में ब्रॉन्ज जीता था, तो काश मैंने स्वर्ण पदक जीता होता।” शरथ का अगला लक्ष्य ओलंपिक खेलों में पोडियम पर पहुंचने की कोशिश करना है और उन्हें लगता है कि इस लक्ष्य की ओर पहला कदम होगा कि भारतीय टीम पेरिस 2024 के लिए क्वालीफाई करे।

उन्होंने कहा, “2024 में हम पुरुष टीम के रूप में क्वालीफाई करने का प्रयास करेंगे, क्योंकि इसमें हमारे पदक जीतने का अच्छा मौका है। हम पिछली बार क्वालीफाई करने से चूक गए थे लेकिन अब मुझे लगता है कि हमारे पास अच्छी गति है। अगर हम इसे बनाए रखते हैं, तो हम ओलम्पिक के लिए भी क्वालीफाई कर लेंगे और हमें उम्मीद है कि हम पदक भी जीत लेंगे।”

शरथ कमल ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टेबल टेनिस के विकास पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “लगभग 14 या 15 वर्षों से मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने और शीर्ष स्तर की स्पर्धाओं को जीतने के मामले में अकेला था।

2016 के बाद से सरकार और फेडरेशन के समर्थन की बदौलत काफी अंतर देखा जा सकता है। अब हमारे पास कई खिलाड़ी हैं जो प्रतिभाशाली हैं और अगर हम इस गति से विकास करते रहे, तो हम टेबल टेनिस में एक मजबूत राष्ट्र बन सकते हैं।”

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