2026 सत्र के पहले महीने ने साफ संकेत दिए हैं कि डीपीवर्ल्ड पीजीटीआई अब दायरे, मजबूती और प्रभाव — तीनों स्तरों पर आगे बढ़ रहा है। कम समय के भीतर टूर ने नया रायपुर, दिल्ली और कोलकाता में तीन बड़े और ऊंची इनामी राशि वाले टूर्नामेंट आयोजित किए।
इसके बाद 72 द लीग की घोषणा ने इस पूरे परिदृश्य में एक नया आयाम जोड़ दिया। इन सभी घटनाक्रमों से यह साफ है कि टूर केवल भौगोलिक विस्तार नहीं कर रहा, बल्किअ पनीगुणवत्ता, गंभीरता और असर भी बढ़ा रहा है।
इस प्रगति का सबसे बड़ा संकेत इनामी राशि में बढ़ोतरी है। सत्र के शुरुआती घरेलू चरण में डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ने ₹1.5 करोड़ इनामी राशि वाले तीन टूर्नामेंट आयोजित किए।
यानी शुरुआती चरण में ही कुल ₹4.5 करोड़ की पुरस्कार राशि दांव पर रही। भारतीय पेशेवर गोल्फ के लिए यह एक महत्वपूर्ण आर्थिक बढ़त है। एसईसीएल छत्तीसगढ़ ओपन की इनामी राशि का ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹1.5 करोड़ होना इसका बड़ा उदाहरण है।
खिलाड़ियों के लिए यह अधिक प्रोत्साहन और ज्यादा प्रतिस्पर्धी मौके लेकर आया है, जबकि प्रायोजकों और भागीदारों के लिए यह टूर की बढ़ती साख और उपयोगिता को दर्शाता है। सत्र की शुरुआत 3 से 6 फरवरी तक नया रायपुर में खेले गए एसईसीएल छत्तीसगढ़ ओपन गोल्फ चैम्पियनशिप से हुई।
यह टूर्नामेंट सिर्फ अपनी ₹1.5 करोड़ की इनामी राशि के कारण ही नहीं, बल्कि इसलिए भी खास रहा क्योंकि इसका आयोजन किसी पारंपरिक महानगर के बजाय एक उभरते बाजार में हुआ।
इससे यह साबित हुआ कि पेशेवर गोल्फ अब अपने स्थापित केंद्रों से बाहर भी ध्यान आकर्षित कर सकता है और मजबूत प्रतिस्पर्धा पेश कर सकता है। अमेरिकी खिलाड़ी झेरेडहैक ने अंतिम दौर में शानदार 59 का कार्ड खेलते हुए पांच शॉट से जीत दर्ज की और इस आयोजन को खास बना दिया।
इसके बाद 10 से 13 फरवरी के बीच दिल्ली के कुतुबगोल्फ कोर्स में पहली डीपी वर्ल्ड प्लेयर्स चैम्पियनशिप खेली गई। इस प्रतियोगिता की इनामी राशि भी ₹1.5 करोड़ थी।
हनीबैसोया विजेता बने और उन्हें ₹22.50 लाख की पुरस्कार राशि मिली। राजधानी में ऐसे टूर्नामेंट का सफल आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दिल्ली प्रशासन, प्रायोजकों, नीति- निर्माताओं और राष्ट्रीय मीडिया का केंद्र है।
ऐसे में इस आयोजन ने भारतीय खेल परिदृश्य में डीपीवर्ल्डपीजीटीआई की बढ़ती प्रतिष्ठा को और मजबूती दी।
इसके बाद 17 से 20 फरवरी के बीच कोलकाता के टॉलीगंजक्लब में डीपी वर्ल्ड प्लेयर्स चैम्पियनशिप 2026
पावर्ड बाय अर्बाना खेली गई। यहां भी इनामी राशि ₹1.5 करोड़ रही और विजेता को ₹22.50 लाख मिले। ओम प्रकाश चौहान ने जोरदार अंतिम प्रदर्शन के दम पर खिताब अपने नाम किया।
कोलकाता के इस आयोजन ने एक अहम बात साफ की — डीपी वर्ल्डपी जीटीआई अब इक्का-दुक्का बड़े आयोजनों पर निर्भर नहीं है, बल्कि अपने टूर्नामेंटों के स्तर और आकार में निरंतर ताला रहा है।
इसी बीच 72 द लीग की घोषणा ने पूरे गोल्फ कैलेंडर में एक नया आकर्षण जोड़ा है। टीम-आधारित यह प्रारूप गोल्फ को टेलीविजन और डिजिटल मंचों के लिए अधिक अनुकूल बना सकता है। इससे नए दर्शकों और नए व्यावसायिक अवसरों के जुड़ने की संभावना भी बढ़ती है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह लीग मुख्यटूर की योग्यता-आधारित संरचना के साथ-साथ आगे बढ़ती है। यानी यह मौजूदा व्यवस्था का विकल्प नहीं, बल्कि उसका विस्तार है।
विकास के स्तर पर डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई नेक्सजेन टूर की शुरुआत भी अहम रही। इसका पहला आयोजन फरीदाबाद में हुआ। यह टूर उभरते पेशेवर खिलाड़ियों को मंच देने के साथ-साथ प्रतिस्पर्धी गोल्फ को टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुंचाने में भी भूमिका निभा रहा है।
इस साल हरनेक्सजेन टूर्नामेंट की इनामी राशि ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹25 लाख कर दी गई है। शुरुआती प्रतियोगिता के विजेता अभिषेक कुमार इस बात का उदाहरण हैं कि यह मंच नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।
कुल मिलाकर, सत्र का पहला महीना बताता है कि डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई लगातार मजबूत आधार तैयार कर रहा है।अलग-अलग शहरों में सफल आयोजन, बढ़ी हुई इनामी राशि, खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर और प्रारूप में नए प्रयोग — ये सभी तत्व अब एक-दूसरे को मजबूती दे रहे हैं।
अगर यही क्रम आगे भी जारी रहता है, तो भारतीय पेशेवर गोल्फ को और मजबूत खिलाड़ी, ज्यादा व्यापक पहचान और नए बाजारों में बड़ी मौजूदगी मिल सकती है।
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