कानपुर। कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी के लीग चरण के अंतिम मुकाबले में उत्तर प्रदेश ने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर चंडीगढ़ को 5 विकेट से हराकर नॉकआउट में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को मजबूती से जिंदा रखा।
ग्रीन पार्क स्टेडियम की स्पिन-अनुकूल पिच पर खेले गए इस तीन दिवसीय मुकाबले में गेंद और बल्ले की जंग में आखिरकार स्पिनरों का पलड़ा भारी रहा।
सीके नायडू ट्रॉफी
पहले बल्लेबाजी करते हुए चंडीगढ़ की टीम पहली पारी में 170 रन पर सिमट गई। जवाब में उत्तर प्रदेश ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए 260 रन बनाए और 90 रनों की अहम बढ़त हासिल की। बढ़त के दबाव में खेलते हुए चंडीगढ़ की दूसरी पारी भी ज्यादा देर नहीं टिक सकी और पूरी टीम 185 रन पर ढेर हो गई।
तीसरे दिन जीत के लिए मिले 96 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए उत्तर प्रदेश की शुरुआत हालांकि उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से एक समय मुकाबला रोमांचक हो गया, लेकिन मध्यक्रम ने धैर्य दिखाया।
रितुराज शर्मा ने एक छोर संभालते हुए नाबाद 63 रन की सूझबूझ भरी पारी खेली, जबकि कार्तिकेय ने उनका अच्छा साथ निभाया। उत्तर प्रदेश ने 33.3 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस मुकाबले में ग्रीन पार्क की पिच बल्लेबाजों के लिए कठिन साबित हुई। तीन दिन में कुल 35 विकेट गिरे, जिनमें से 25 विकेट स्पिन गेंदबाजों के नाम रहे। उत्तर प्रदेश के स्पिन आक्रमण ने पूरे मैच में चंडीगढ़ के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
दूसरी पारी में चंडीगढ़ ने 4 विकेट पर 78 रन से आगे खेलना शुरू किया था, लेकिन यूपी के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा।
विजय कुमार और शुभम मिश्रा ने चार-चार विकेट झटककर पारी की कमर तोड़ दी, जबकि अक्षु बाजवा ने दो विकेट लेकर शेष बल्लेबाजी क्रम को समेटने में अहम भूमिका निभाई। बाजवा ने दोनों पारियों में कुल 8 विकेट लेकर मैच में खास प्रभाव छोड़ा।
चंडीगढ़ की ओर से निशंक ने संघर्ष करते हुए मैच में कुल 11 विकेट हासिल किए, लेकिन उनकी यह शानदार गेंदबाजी भी टीम को हार से नहीं बचा सकी।
इस जीत के साथ उत्तर प्रदेश ने घरेलू मैदान पर दमदार प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ मुकाबला अपने नाम किया, बल्कि नॉकआउट में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को भी मजबूती से कायम रखा।
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