दिव्यांग बंदियों के संबंध में राज्यस्तरीय संवेदनशीलता प्रशिक्षण संपन्न

0
24

कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश द्वारा आज दिव्यांग बंदियों के अधिकारों, आवश्यकताओं एवं उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यस्तरीय संवेदनशीलता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यालय स्तर पर महानिदेशक कारागार पी.सी. मीना , उप महानिरीक्षक (मुख्यालय) पी.एन. पाण्डेय, उप महानिरीक्षक शुभाष शाक्य, उप महानिरीक्षक प्रदीप गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त कारागारों से वरिष्ठ अधीक्षक, अधीक्षक, जेलर एवं डिप्टी जेलर सहित सभी जेल अधिकारी कार्यक्रम से जुड़े।

प्रशिक्षण का संचालन डॉ. कौशल शर्मा, डीन, फैकल्टी ऑफ स्पेशल एजुकेशन, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा किया गया।

प्रशिक्षण में दिव्यांगता की अवधारणा, अंतरराष्ट्रीय मानक, मानवाधिकार आधारित दृष्टिकोण, दिव्यांग बंदियों के कानूनी अधिकार, सुगम अवसंरचना, स्वास्थ्य सेवाएं, पुनर्वास, मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन तथा जेल प्रशासन की जिम्मेदारियों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि दिव्यांग बंदियों को समानता, गरिमा और आवश्यक सुविधाएं प्रदान करना जेल प्रशासन की कानूनी एवं मानवीय जिम्मेदारी है। इसके लिए जेलों में सुगम वातावरण, आवश्यक चिकित्सा सुविधा, सहायक उपकरण, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करना आवश्यक है।

महानिदेशक कारागार पी.सी. मीना ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में लागू करना अत्यंत आवश्यक है।

सभी कारागारों में दिव्यांग बंदियों की पहचान, उनकी आवश्यकताओं का रिकॉर्ड, उचित सुविधाएं तथा भेदभावरहित व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कारागार अधिकारी इस विषय को प्राथमिकता देते हुए मानवीय एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कारागारों को अधिक समावेशी, मानवीय और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here