दस खिलाड़ियों वाली पंजाब एफसी ने एफसी गोवा को ड्रॉ पर रोका

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Photo: Arjun singh / Focus Sports / ISL

नई दिल्ली : दस खिलाड़ियों के साथ खेल रही पंजाब एफसी ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए इंडियन
सुपर लीग 2025-26 में सोमवार को नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में एफसी गोवा को 1-1 से ड्रॉ पर रोक दिया।

पंजाब एफसी – 1 (नसुंगुसी जूनियर एफियोंग 27’) एफसी गोवा – 1 (डेजान द्राज़िच 53’)

इस परिणाम के साथ एफसी गोवा की अपराजेय लय जारी रही और टीम नौ अंकों के साथ तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गई, जबकि पंजाब एफसी पांच अंकों के साथ आठवें स्थान पर है। एफसी गोवा के डेजान द्राज़िच को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

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पंजाब एफसी के मुख्य कोच पानायोटिस दिलम्पेरिस ने मिडफील्ड में दो बदलाव किए। चोटिल निखिल प्रभु की जगह लियोन ऑगस्टीन को और बेडे ओसुजी की जगह समीर जेल्जकोविच को टीम में शामिल किया गया। दूसरी ओर एफसी गोवा के मुख्य कोच मानोलो मार्केज़ ने अपनी शुरुआती एकादश में कोई बदलाव नहीं किया।

पंजाब ने मैच की शुरुआत मजबूत अंदाज में की और गेंद पर नियंत्रण रखते हुए विंग्स से लगातार दबाव बनाया। लेफ्ट-बैक मोहम्मद उवैस ने कई खतरनाक क्रॉस डाले और 15वें मिनट में मेजबान टीम ने पहला शॉट ऑन टार्गेट बनाया, जब दानी रामिरेज़ के कॉर्नर पर उवैस का हेडर एफसी गोवा के गोलकीपर ऋतिक तिवारी ने सुरक्षित पकड़ लिया।

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शेरों ने खेल की गति पर नियंत्रण बनाए रखा और 27वें मिनट में उन्हें इसका फायदा मिला। मिडफील्ड से शुरू हुई एक मूव में मंगलेन्थांग किपगेन ने सटीक थ्रू बॉल नसुंगुसी जूनियर एफियोंग को दी। स्ट्राइकर ने शानदार संयम दिखाते हुए बाएं पैर से गेंद को टॉप कॉर्नर में पहुंचाकर पंजाब को 1-0 की बढ़त दिलाई।

पहले हाफ के अंतिम चरण में भी पंजाब का दबाव जारी रहा। 37वें मिनट में रामिरेज़ ने दूर से शॉट लगाया, जिसे तिवारी ने बचा लिया, जबकि कुछ ही देर बाद एफियोंग का प्रयास भी गोलकीपर ने आराम से पकड़ लिया। किपगेन ने भी दूर से कोशिश की, लेकिन उनका शॉट लक्ष्य से बाहर चला गया।

पहले हाफ के अधिकांश समय में एफसी गोवा को अपने डिफेंस को संभालने में परेशानी हुई, लेकिन इंजरी टाइम में टीम बराबरी के करीब पहुंची। संदीश झिंगन ने द्राज़िच के क्रॉस पर हेडर लगाया जो थोड़ा बाहर चला गया, जबकि इसके बाद पोल मोरेनो भी निशाना चूक गए।

उवैस के हेडर से आत्मघाती गोल का खतरा भी बना, जब गेंद पोस्ट से टकराई, लेकिन पंजाब ब्रेक तक अपनी
बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। दूसरे हाफ की शुरुआत में मैच ने नाटकीय मोड़ ले लिया। रीस्टार्ट के तीन मिनट बाद ही पंजाब दस खिलाड़ियों तक सिमट गया, जब गोल करने वाले नसुंगुसी जूनियर एफियोंग को सीधा रेड कार्ड दिखाया गया।

संख्या में बढ़त का फायदा एफसी गोवा ने जल्द ही उठा लिया। 53वें मिनट में ब्रिसन फर्नांडिस ने मिडफील्ड में गेंद संभालकर द्राज़िच को पास दिया, जिन्होंने बॉक्स के बाहर से दाएं पैर का शानदार शॉट लगाकर गेंद को निचले कोने में पहुंचा दिया और स्कोर 1-1 कर दिया।

इसके बाद गोवा ने लगातार दबाव बनाया। 60वें मिनट में कॉर्नर से उदांता सिंह का हेडर थोड़ा ऊपर चला गया, जबकि कुछ ही क्षण बाद द्राज़िच भी एक फ्री हेडर से गोल नहीं कर सके।

71वें मिनट में पंजाब के स्थानापन्न स्ट्राइकर बेडे ओसुजी ने किपगेन को बॉक्स के अंदर पास दिया, लेकिन मिडफील्डर का कमजोर शॉट ऋतिक तिवारी ने आसानी से रोक लिया।

अंतिम चरण में गोवा जीत की तलाश में लगातार हमले करता रहा। 79वें मिनट में मोहम्मद यासिर के हेडर को अर्शदीप सिंह ने बचा लिया, जबकि रेयनियर फर्नांडिस और द्राज़िच के देर से किए गए प्रयास लक्ष्य से चूक गए।
इंजरी टाइम में पंजाब ने मजबूती से रक्षा की और ब्रिसन फर्नांडिस के अंतिम प्रयास को अर्शदीप ने सुरक्षित पकड़ लिया।

अंततः मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ, जिसमें दस खिलाड़ियों वाली पंजाब एफसी ने मजबूत रक्षा करते हुए एक अहम अंक हासिल किया।

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