लखनऊ। लखनऊ आर्ट एंड क्राफ्ट कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित बहुप्रतीक्षित प्रदर्शनी ‘ताना-बाना’ का सफलतापूर्वक समापन हो गया।
अलीगंज स्थित कला स्रोत गैलरी में आयोजित इस प्रदर्शनी में आर्ट एंड क्राफ्ट विभाग के छात्रों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। समापन अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रतन कुमार तथा वरिष्ठ प्रोफेसर आलोक कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रदर्शनी में टेक्सटाइल डिजाइन, पेंटिंग, एप्लाइड आर्ट्स, क्राफ्ट और पारंपरिक हस्तकला से जुड़े विद्यार्थियों के कार्य प्रदर्शित किए गए। छात्रों ने कपड़े पर पारंपरिक व आधुनिक डिजाइनों का संयोजन, रंगों का संतुलन तथा शिल्प कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
प्रदर्शित कृतियों में भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और समकालीन विषयों की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे कला विशेषज्ञों, फैशन डिजाइनरों और कला प्रेमियों ने छात्रों के कार्यों की आलोचनात्मक समीक्षा करते हुए उनकी रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता की सराहना की।
विशेषज्ञों का कहना था कि विद्यार्थियों के कार्यों में नवाचार के साथ-साथ परंपरा का सम्मान भी देखने को मिला, जो भविष्य में उन्हें कला जगत में एक अलग पहचान दिला सकता है।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. रतन कुमार ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रदर्शनी विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उन्हें व्यावसायिक मंच के लिए तैयार करती हैं। प्रोफेसर आलोक कुमार ने भी शिक्षकों और छात्रों के संयुक्त प्रयास की प्रशंसा की।
‘ताना-बाना’ प्रदर्शनी ने न केवल छात्रों की प्रतिभा को मंच दिया, बल्कि लखनऊ की समृद्ध कला परंपरा को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।
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