पणजी: 37वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की तारीखों की घोषणा के साथ ही गोवा सरकार ने कचरा प्रबंधन को लेकर उच्च स्तरीय संवेदनशीलता दिखाई और इसी का नतीजा है कि किसी भी आयोजन स्थल पर चाहे सूखा हो या गीला-कचरे का नामोनिशान नहीं दिखाई देता।
गोवा सरकार ने सुनिश्चित किया कि आयोजन स्थलों पर कचरे का कोई पद चिन्ह नहीं दिखाई दे क्योंकि साफ माहौल में ही अच्छी सोच पनपती है और यह 20 हजार से अधिक खिलाड़ियों औऱ मैच अधिकारियों की मौजूदगी वाले राष्ट्रीय खेलों की सफलता के लिए बहुत जरूरी थी।
पहली बार राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी कर रही गोवा सरकार ने खेल विभाग की सचिव स्वेतिका सचान को 37वें राष्ट्रीय खेल आयोजन समिति (एनजीओसी) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया।
एनजीओसी चेयरमैन ने गोवा वेस्ट मैनेजमेंट कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक लेविंसन मार्टिंस की देखरेख में कचरा प्रबंधन और इससे जुड़ी गाइडलाइन तैयार करने और इसकी देखरेख के लिए एक समिति बनाई। इस समिति ने गाइडलाइन तय किए, जिसमें प्रमुखता से यह निर्णय लिया गया कि खेलों के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं होगा।
स्वेतिका सचान कहती हैं, “हमने वेस्ट मैनेजमेंट कमेटी बनाई, जिसकी कमान लेविंसन जैसे काबिल अधिकारी को सौंपी। फिर हमने कचरा प्रबंधन और वेन्यूज पर साफ-सफाई के लिए गाइडलाइन तैयार किए। इसके बाद गोवा राष्ट्रीय खेलों की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी-एसएफए ने गीले और सूखे कचरे के प्रबंधन के लिए वीएमपी को नियुक्त किया।
सचान ने आगे कहा कि इस बात पर पूरा जोर रहा कि केटरिंग वेस्ट को अच्छी तरह सेग्रिगेट किया जाए और किसी भी वेन्यू पर किसी भी प्रकार का गीला या सूखा कचरा खुले में न दिखाई दे। बकौल सचान, “हमारा मुख्य फोकस फूड वेस्ट पर था।
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