लखनऊ: महान स्वतंत्रता सेनानियों लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आजाद की जन्म जयंती के अवसर पर हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा ट्रस्ट के इंदिरा नगर स्थित कार्यालय में “श्रद्धापूर्ण पुष्पांजलि” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों महापुरुषों के महान विचारों, देशभक्ति और बलिदान को स्मरण करते हुए युवा पीढ़ी को प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी डॉ. हर्ष वर्धन अग्रवाल, न्यासी डॉ रूपल अग्रवाल, ट्रस्ट की आंतरिक सलाहकार समिति के सदस्य विनय त्रिपाठी, पंकज अवस्थी, तथा स्वयंसेवकों ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आज़ाद के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया।
इस अवसर पर डॉ. हर्ष वर्धन अग्रवाल ने कहा: “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” — लोकमान्य तिलक का यह उद्घोष हर भारतीय के मन में स्वतंत्रता की ज्वाला प्रज्वलित करने वाली मशाल बन गया।
वे न केवल स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत थे, बल्कि एक महान शिक्षाविद् और समाज सुधारक भी थे। उन्होंने ‘केसरी’ और ‘मराठा’ जैसे पत्रों के माध्यम से जन जागरण किया और सांस्कृतिक आयोजनों को सामाजिक एकजुटता का माध्यम बनाया।
चंद्रशेखर आज़ाद के बलिदान को याद करते हुए विनय त्रिपाठी ने कहा, “चंद्रशेखर आज़ाद का जीवन साहस, संकल्प और राष्ट्र प्रेम की मिसाल है।
मात्र 15 वर्ष की उम्र में उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया और जीवनभर अंग्रेजों की गिरफ्त से बचते हुए देश के लिए संघर्ष किया। उनकी अमर प्रतिज्ञा —मैं आज़ाद था, आज़ाद हूँ और आज़ाद ही रहूँगा’ — आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।”‘
पंकज अवस्थी ने कार्यक्रम के माध्यम से देश के सभी युवाओं से अपील की कि वे इन महापुरुषों के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सहभागी बनें।
आजादी की लड़ाई भले समाप्त हो चुकी है, लेकिन अब समय है भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने का। आइए, हम अपने नायकों को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लें।” कार्यक्रम के अंत में सभी ने देश की एकता, अखंडता और गरिमा की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया।
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