लखनऊ : सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल, लखनऊ में रचनात्मकता का सुंदर माहौल देखने को मिल रहा है। स्कूल की वार्षिक कला प्रदर्शनी “मास्करेड ऑफ आर्ट” 24 मार्च से 27 मार्च तक आम जनता के लिए खोली जा रही है।
इस प्रदर्शनी का उद्घाटन 18 मार्च को मुख्य अतिथि, प्रसिद्ध कलाकार और कला समीक्षक डॉ. अवधेश मिश्रा की उपस्थिति में हुआ। उन्होंने छात्रों के काम की सराहना की और इस आयोजन की महत्ता बढ़ाई।

अब यह प्रदर्शनी लखनऊ के लोगों को कला की एक अनोखी दुनिया देखने का मौका दे रही है। यहाँ कथकली के सुंदर मुखौटे, जनजातीय कला और आधुनिक पश्चिमी डिज़ाइन एक साथ प्रदर्शित किए गए हैं। इसके साथ ही वारली पेंटिंग, प्राकृतिक दृश्य, अमूर्त चित्र और भावपूर्ण पोर्ट्रेट्स भी आकर्षण का केंद्र हैं।
प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण कक्षा 8 की छात्रा शैला द्वारा बनाई गई एक बड़ी भित्ति चित्र (म्यूरल) है, जिसमें पेंटिंग के साथ सिरेमिक काम भी किया गया है। इसकी खूबसूरती और बारीकी हर दर्शक को प्रभावित करती है।
यह प्रदर्शनी केवल कला नहीं दिखाती, बल्कि छात्रों की सोच, संस्कृति से जुड़ाव और रचनात्मक आत्मविश्वास को भी दर्शाती है। हर कलाकृति अपनी एक अलग कहानी कहती है।

यह प्रदर्शनी 24 मार्च से 27 मार्च तक रोज सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक स्कूल परिसर में सभी के लिए खुली है। प्रवेश निःशुल्क है। परिवार, बच्चे, अभिभावक और कला प्रेमी सभी आमंत्रित हैं।











