टैफे का रिकॉर्ड प्रदर्शन, FY26 में 2.14 लाख से अधिक ट्रैक्टरों की बिक्री

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लखनऊ। विश्व की एक अग्रणी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी और भारत की दूसरी सबसे बड़ी ट्रैक्टर कंपनी ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड (टैफे) ने वित्त वर्ष 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन की घोषणा की है।

इस वर्ष कंपनी ने लगभग 2,14,951 ट्रैक्टर यूनिट्स की बिक्री की, जो कंपनी के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। टैफे ने मार्च 2026 में 37.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ शानदार तरीके से इस वित्त वर्ष का समापन किया।

बीते वित्तीय वर्ष 2026 के लिए घरेलू उद्योग में वृद्धि दर का आंकड़ा किया पार

प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए टैफे की वाइस प्रेसिडेंट डॉ. लक्ष्मी वेणु ने कहा यह आंकड़ा इस माह के लिए घरेलू उद्योग की 29 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

उद्योग की तुलना में इस तेज वृद्धि से यह साबित होता है कि न केवल टैफे की उत्पाद श्रृंखला मजबूत हुई है और किसानों के साथ जुड़ाव गहरे हुए हैं बल्कि प्रमुख कृषि क्षेत्रों में इसके कृषि उपकरणों की निरंतर मांग भी बढ़ी है।

कंपनी ने घरेलू बिक्री के क्षेत्र में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि का रिकॉर्ड बनाया, कंपनी के दोनों ब्रांड्स मैसी फ़र्ग्यूसन और आइशर ट्रैक्टर्स ने बंपर बिक्री दर्ज की। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में 12,584 ट्रैक्टरों के निर्यात के साथ ही टैफे ने निर्यात खंड में बेहतरीन प्रदर्शन किया, जिससे कंपनी की वैश्विक उपस्थिति और विविध विकास रणनीति और भी मजबूत हुई है।

घरेलू और निर्यात बाजारों में निरंतर मांग को पूरा करने के लिए, टैफे के विनिर्माण संयंत्रों ने वर्ष के दौरान पूर्ण क्षमता में काम किया। कंपनी भविष्य के विकास की राह तैयार करने के लिए क्षमता विस्तार पहलों पर विचार कर रही है ताकि वैश्विक ट्रैक्टर उद्योग में अपने पदचिन्हों को और मजबूत बना सके।

डॉ. लक्ष्मी वेणु ने कहा यह वर्ष ट्रैक्टर बाजार और देश के किसानों दोनों के लिए अत्यंत आशाजनक रहा है। अच्छी बारिश और सरकार द्वारा जीएसटी में कटौती के कदम से कृषि क्षेत्र को काफी राहत मिली है।

अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी मशीनीकरण के प्रसार ने जोर पकड़ लिया है। इस वर्ष कई छोटे किसानों को कृषि मशीनीकरण की सुविधा मिली, जिससे कृषि परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया।

ऐसे कई किसान थे जिन्होंने पहली बार खेती के लिए मशीनों का उपयोग किया। इससे कृषि उत्पादकता में सुधार लाने और देश भर के किसानों की आय बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी।

टैफे में, हम इस क्षेत्र में अपने ग्राहकों की तेजी से बदलती प्राथमिकताओं को हमेशा महत्व देते रहे हैं और इसी प्रतिबद्धता के कारण हम इस वर्ष बाजार में अच्छा प्रदर्शन कर पाए हैं।”

भू-राजनीतिक तनावों और युद्ध से संबंधित आपूर्ति बाधाओं के कारण उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति के दबावों से इनपुट लागत प्रभावित हो रहा है, पर फिर भी अपने मूलभूत सिद्धांतों की बदौलत भारतीय कृषि मजबूत बनी रही है।

मशीनीकरण में निरंतर वृद्धि, प्रतिस्थापन मांग, ट्रैक्टरों और इम्प्लिमेंट्स के बढ़ते उपयोग और प्रमुख निर्यात बाजारों में धीरे-धीरे हो रहे सुधार को देखते हुए टैफे भविष्य के प्रदर्शनों को लेकर आशावादी है। टैफे को यकीन है कि यह अपनी विकास गति को बरकरार रखेगा।

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