हैदराबाद : एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लौटीं तेलंगाना की तीरंदाज चिकिता तनीपार्थी अपने घरेलू मैदान पर निशाना साधने को लेकर उत्साहित हैं। पिछले साल उद्घाटन सीजन में मिले अनुभवों से सीख लेने के बाद चिकिता अब आर्चरी प्रीमियर लीग (एपीएल) के दूसरे सीजन के लिए तैयार हैं। तीरंदाजी की दुनिया की इस एकमात्र फ्रेंचाइजी आधारित लीग का दूसरा सीजन गुरुवार से हैदराबाद में शुरू होगा।
चिकिता तनीपार्थी ने कहा,-आर्चरी प्रीमियर लीग ने दबाव को बेहतर तरीके से संभालना सिखाया, उम्मीद है युवा हमें देखने आएंगे
नई दिल्ली में सफल पहले सीजन के बाद एपीएल की वापसी ऐसे समय हो रही है जब ऐची-नागोया एशियाई खेलों में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीरंदाजी में दक्षिण कोरिया जैसी मजबूत टीम को पीछे छोड़ते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली टीम का दर्जा हासिल किया। अब भारत के स्टार तीरंदाज 8 से 18 अक्टूबर तक हैदराबाद के नेकलेस रोड स्थित पीपुल्स प्लाजा में एक्शन में नजर आएंगे।
इस बार एशियाई खेलों के पदक विजेता तीरंदाज एक बिल्कुल अलग माहौल में उतरेंगे। कई मौकों पर उन्हें अपने ही राष्ट्रीय टीम के साथियों के खिलाफ निशाना साधना होगा। इसके अलावा तेज शूटिंग प्रारूप में प्रत्येक तीर के लिए औसतन केवल 15 सेकंड का समय मिलेगा।
एपीएल की एक और खासियत यह है कि इसमें रिकर्व और कंपाउंड तीरंदाज एक-दूसरे के खिलाफ भी मुकाबला करते हैं, जो इसे नियमित वर्ल्ड आर्चरी प्रतियोगिताओं से अलग बनाता है। बुधवार को लीग के दूसरे सीजन के शुभारंभ के अवसर पर एपीएल का एंथम और मैस्कॉट भी जारी किया गया।
पेड्डापल्ली की रहने वाली चिकिता तनीपार्थी ने कहा कि एपीएल के पहले सीजन में शीर्ष तीरंदाजों को देखकर और उनके साथ खेलकर उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला। उन्होंने कहा, “एपीएल के पहले सीजन में चोला चीफ्स के लिए खेलते हुए मैंने 15 सेकंड प्रति तीर के तेज शॉट क्लॉक में दबाव को संभालने के बारे में बहुत कुछ सीखा। अपने साथियों को ट्रेनिंग करते हुए देखकर उनकी तकनीक को समझने का भी मौका मिला। इससे मुझे एक बेहतर तीरंदाज बनने में काफी मदद मिली और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने में भी इसका योगदान रहा।”
अपने घरेलू राज्य में हो रहे टूर्नामेंट को लेकर उत्साहित चिकिता ने उम्मीद जताई कि बड़ी संख्या में युवा तीरंदाजी देखने पहुंचेंगे। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि युवा लड़कियां इस टूर्नामेंट को देखने आएंगी। शायद यह प्रतियोगिता उन्हें तीरंदाजी अपनाने के लिए प्रेरित करे।”
एपीएल के निदेशक अनिल कामिनेनी ने कहा कि पहले सीजन की तुलना में इस बार लीग को लेकर दुनिया भर के तीरंदाजों में ज्यादा रुचि देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा, “दुनियाभर के तीरंदाजों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। आने वाले सीज़न्स में हम टीमों की संख्या बढ़ाने और नए शहरों में लीग आयोजित करने की उम्मीद कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि हैदराबाद जैसे ऐतिहासिक शहर में भारत की समृद्ध तीरंदाजी परंपरा और पौराणिक विरासत को भी सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। “हमारे देश के हर क्षेत्र की अपनी कहानी है, जहां राजा और सम्राट रहे हैं। इसलिए हमने सोचा कि यह सिर्फ खेल नहीं होगा, बल्कि हमारे देश की विरासत और संस्कृति को भी सामने लाएगा।” इस अवसर पर आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कोषाध्यक्ष डॉ. जोरिस पॉलोज उम्माचेरिल भी मौजूद थे।
करीब दो दशक के करियर में तीरंदाजी में कई बदलाव देख चुकीं चोला चीफ्स की दीपिका कुमारी ने एपीएल को पूरी तरह अलग अनुभव बताया। पूर्व विश्व नंबर एक दीपिका ने कहा, “यह पूरी तरह नया है। तकनीकी रूप से तीर चलाने के लिए 15 सेकंड मिलते हैं, लेकिन कई बार हमें इससे भी कम समय मिलता है। यह हम सभी के लिए बहुत दिलचस्प है। मुझे लगता है कि जूनियर तीरंदाजों को इससे काफी फायदा हुआ है। एशियाई खेलों में भी अच्छा प्रदर्शन हुआ और आने वाले कैडेट भी काफी सुधार कर रहे हैं। मेरे लिए भी यह चुनौतीपूर्ण है और उम्मीद है कि यह सत्र अच्छा रहेगा।”
पेरिस ओलंपिक की मिश्रित टीम कांस्य पदक विजेता और एपीएल के दूसरे सत्र में पदार्पण कर रहीं चेरो आर्चर्स की कैसी कॉफहोल्ड ने कहा कि तेज शॉट क्लॉक उनके लिए फायदेमंद हो सकती है, क्योंकि वह दबाव में बेहतर प्रदर्शन करती हैं।
कॉफहोल्ड ने एशियाई खेलों में भारत के प्रदर्शन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टीम में काफी सुधार हुआ है। मैंने कई भारतीय तीरंदाजों के खिलाफ निशाना साधा है। दीपिका और मैंने कई मुकाबले खेले हैं, अंकिता भकत के खिलाफ भी खेली हूं। उनके पास हमेशा अच्छे व्यक्तिगत तीरंदाज रहे हैं, लेकिन टीम के तौर पर भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। एशियाई खेलों में उन्होंने बहुत सारे पदक जीते। यह उनके लिए शानदार प्रदर्शन था और मैं उनमें से कुछ के साथ और कुछ के खिलाफ खेलने को लेकर उत्साहित हूं।”
मैक्सिको की माइटी मराठाज की अलेजांद्रा वालेंसिया ने एपीएल के दौरान बनी दोस्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि लीग के माहौल ने अलग-अलग देशों के तीरंदाजों को एक परिवार की तरह जोड़ दिया है। उन्होंने कहा, “एपीएल की पूरी व्यवस्था ऐसी है कि हम सभी एक तरह से परिवार बन गए हैं। हम अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे होते, बल्कि एक टीम की तरह होते हैं। पिछले साल मैंने बहुत सारे दोस्त बनाए।”
पहले विश्व कप फाइनल खिताब जीतने वाले ऑस्ट्रिया के पहले तीरंदाज निको वीनर, जो इस सीजन में काकतीय नाइट्स का हिस्सा हैं, ने अपने भाई-बहनों के अलग-अलग खेल चुनने पर मजाकिया अंदाज में कहा, “हर किसी को वही खेल पसंद होता है जो वह खेलना चाहता है। मैंने निश्चित तौर पर कोशिश की कि वे तीरंदाजी अपनाएं, लेकिन उन्होंने अलग फैसला किया। वे अब भी मेरा समर्थन करते हैं, मैं उनका समर्थन करता हूं और हम साथ में खूब मस्ती करते हैं।”
पिछले सीजन के फाइनल में राजपूताना रॉयल्स को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले ओजस प्रवीण देवतले ने भी एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। टोक्यो ओलंपिक चैंपियन मेटे गाज़ोज के साथ टीम में रहते हुए देवतले ने उन्हें अपना एक तीर यादगार के तौर पर दिया था। उन्होंने बताया, “लेकिन जब फाइनल शूटऑफ में चला गया तो मैंने मेटे से कहा कि मुझे वह तीर वापस चाहिए। मैंने उसी तीर से बुल्सआई पर निशाना लगाया। वह तीर अब भी उसके पास है।”
पृथ्वीराज योधाज की एंड्रिया बेसेरा कंपाउंड तीरंदाजी के लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल होने से उत्साहित हैं। मैक्सिको की तीरंदाज ने कहा, “हम कंपाउंड तीरंदाजों के लिए ओलंपिक में जाने का मौका मिलना बहुत बड़ी बात है। यह हमारे लिए जीवन बदलने वाला है। इससे हमें ज्यादा फंडिंग और कई ऐसे अवसर मिलेंगे, जो पहले नहीं मिलते थे। मैं बहुत उत्साहित हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि एपीएल दबाव में अभ्यास करने के लिए हमारे लिए शानदार मंच साबित होगा।”
एपीएल के पहले दिन तीन मुकाबले खेले जाएंगे। पहले मुकाबले में पिछले साल के रोमांचक फाइनल की पुनरावृत्ति होगी, जिसमें राजपूताना रॉयल्स का सामना पृथ्वीराज योद्धाज से होगा। दूसरे मुकाबले में भारत की दो दिग्गज तीरंदाजों की टीमों के बीच मुकाबला होगा। ज्योति सुरेखा वेन्नम की काकतीय नाइट्स का सामना धीरज बोम्मादेवरा की माइटी मराठाज से होगा।
वहीं, ऐतिहासिक एशियाई खेल अभियान के बाद रिकर्व तीरंदाज कुमकुम अनिल मोहोड चेरो आर्चर्स के लिए अपने शानदार प्रदर्शन को आगे बढ़ाना चाहेंगी। चेरो आर्चर्स में उनके साथ अतनु दास जैसे अनुभवी तीरंदाज भी हैं। उनका मुकाबला चोला चीफ्स से होगा, जिसमें दीपिका कुमारी और चिकिता तनीपार्थी जैसी भारतीय प्रतिभाएं शामिल हैं।
छह टीमों वाली इस लीग में रिकर्व और कंपाउंड वर्ग में कुल 48 भारतीय और अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज हिस्सा ले रहे हैं। प्रत्येक टीम में आठ तीरंदाजों का मिश्रित दल है और प्रतियोगिता डबल राउंड-रॉबिन प्रारूप में खेली जाएगी।
प्रत्येक मुकाबले में चार तीरंदाज दो-दो तीरों के सेट खेलेंगे और हर सेट में दो अंक दांव पर होंगे। लीग चरण के अंत में शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी, जिसके बाद 18 अक्टूबर को फाइनल खेला जाएगा। एपीएल सीजन-2 का प्रसारण सोनी लिव, दूरदर्शन स्पोर्ट्स और वर्ल्ड आर्चरी टीवी पर किया जाएगा। इवेंट के टिकट डिस्ट्रिक्ट बाय जोमैटो पर उपलब्ध हैं।












