लखनऊ। आकाश एजुकेशन सर्विसेज लिमिटेड ने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी को अधिक व्यवस्थित और परिणाम केंद्रित बनाने के लिए ‘आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0’ लॉन्च किया है।
52 हजार नहीं, बल्कि देशभर के आकाश केंद्रों के विद्यार्थियों तक पहुंचेगा नया परफॉर्मेंस आधारित सिस्टम
कंपनी के अनुसार यह नया परफॉर्मेंस आधारित एकेडमिक सिस्टम जेईई मेन, जेईई एडवांस्ड, बिटसैट और विभिन्न राज्यों की इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अधिक संरचित और व्यक्तिगत तैयारी का अनुभव देगा। इसका रोलआउट देशभर की सभी आकाश शाखाओं में शुरू किया जा रहा है।
छह स्तंभों पर तैयार किया गया एकेडमिक सिस्टम
आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 को 360 डिग्री तैयारी मॉडल के रूप में विकसित किया गया है। इसके तहत क्लासरूम शिक्षण से लेकर स्टडी मटेरियल, टेस्टिंग और मेंटरशिप तक विद्यार्थी की पूरी तैयारी को एक ही अकादमिक सिस्टम से जोड़ा गया है।
कार्यक्रम के छह प्रमुख स्तंभों में परिणाम केंद्रित अकादमिक दृष्टिकोण, रैंक प्रमाणित फैकल्टी टीम, वैज्ञानिक एवं शोध आधारित स्टडी मटेरियल, स्मार्ट टेस्टिंग एवं गहन विश्लेषण, ट्रांसपेरेंट ग्रोथ मैप और कक्षा के बाहर लगातार मेंटरशिप एवं सपोर्ट शामिल हैं।
हर कक्षा, प्रैक्टिस सेशन और रिवीजन साइकिल को जेईई एडवांस्ड, जेईई मेन, बिटसैट और अन्य इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन और रैंक को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। टेस्ट के बाद विद्यार्थियों को उनकी मजबूतियों, कमजोरियों और सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों की स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।
पहले चुनिंदा केंद्रों पर हुआ प्रयोग, अब देशभर में विस्तार
आकाश एजुकेशन सर्विसेज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर चंद्र शेखर रेड्डी गरिसा ने कहा कि आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 को कंपनी के अनुभवी शिक्षकों ने तैयार किया है। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों के पास हर साल शीर्ष रैंक दिलाने का दशकों का अनुभव है और इसी अनुभव के आधार पर करिकुलम, किताबों और टेस्टिंग सिस्टम को नए सिरे से तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम को पहले कुछ चुनिंदा केंद्रों पर लागू किया गया था और जेईई 2026 में इसके परिणाम उत्साहजनक रहे। अब इसे देशभर में आकाश की सभी शाखाओं तक पहुंचाया जा रहा है। इसकी शुरुआत मौजूदा विद्यार्थियों से होगी और इसके बाद नए विद्यार्थियों को भी इस सिस्टम में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आकाश का लक्ष्य विद्यार्थियों को जेईई एडवांस्ड, जेईई मेन, बिटसैट और स्टेट इंजीनियरिंग परीक्षाओं में अपनी सर्वश्रेष्ठ रैंक हासिल करने में मदद करना है। कंपनी को उम्मीद है कि जेईई 2027 और 2028 के परिणाम आकाश के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ परिणामों में शामिल होंगे। उन्होंने इस पहल के संदर्भ में कहा, एक्सीलेंस एक्सक्लूसिव क्यों रहना चाहिए।
चार विशेष बैच, विद्यार्थियों की जरूरत के मुताबिक तैयारी
नेशनल लॉन्च के साथ आकाश इनविक्टस के तहत ऐस, अचीवर, एक्सेलेरेटर और एपेक्स नाम से चार विशेष बैच भी पेश किए गए हैं। कंपनी के अनुसार प्रत्येक बैच विद्यार्थियों की सीखने की जरूरत और उनकी शैक्षणिक आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी क्षमता के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करना है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए स्टडी मटेरियल और पुस्तकों को भी नए सिरे से तैयार किए जाने की जानकारी दी गई। इन्हें लर्निंग साइंस और विभिन्न परीक्षाओं के पैटर्न पर किए गए शोध के आधार पर विकसित किया गया है, ताकि विद्यार्थी बुनियादी अवधारणाओं से लेकर कठिन स्तर के प्रश्नों तक चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ सकें।
अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए होंगे ओरिएंटेशन सेशन
नए सिस्टम को समझाने के लिए आकाश की शाखाओं में विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए ओरिएंटेशन सेशन भी आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें इनविक्टस के अकादमिक ढांचे, स्टडी मटेरियल, टेस्टिंग सिस्टम, प्रदर्शन विश्लेषण और मेंटरशिप से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
कंपनी के अनुसार ट्रांसपेरेंट ग्रोथ मैप के माध्यम से विद्यार्थी और अभिभावक यह भी समझ सकेंगे कि विद्यार्थी वर्तमान में किस स्तर पर है और निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। जोसा काउंसलिंग गाइडेंस, डाउट सपोर्ट और लगातार मेंटरशिप को भी कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
इस दौरान आकाश हजरतगंज ब्रांच के एकेडमिक हेड अभिलाष पटेरिया, सहायक निदेशक शिवनाथ कुमार, क्षेत्रीय निदेशक डीके मिश्रा, आकाश अलीगंज ब्रांच के एकेडमिक हेड हरि मोहन मीना और हजरतगंज सेंटर हेड शहजाद अब्बास मौजूद रहे।













