लखनऊ। कारागार सेवानिवृत्त पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन, लखनऊ की संगोष्ठी में शुक्रवार को कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश के महानिदेशक पीसी मीना ने एसोसिएशन की वार्षिक स्मारिका ‘सेवा स्मृति’ का विमोचन किया।
इस अवसर पर उन्होंने सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को विभाग की अनुभव-संपन्न धरोहर बताते हुए उनके अनुभवों और मार्गदर्शन को वर्तमान कार्मिकों तथा नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पीसी मीना और अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। एसोसिएशन के संरक्षक एसपी सिंह पुंढीर ने मुख्य अतिथि का सम्मान किया।
सेवानिवृत्त कार्मिकों के अनुभवों को संजोने की पहल
अपने संबोधन में पीसी मीना ने कहा कि ‘सेवा स्मृति’ कारागार विभाग की गौरवपूर्ण सेवा-यात्रा, सेवानिवृत्त कार्मिकों के अनुभवों और उनकी अमूल्य स्मृतियों को संजोने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारी अपने लंबे सेवाकाल में अर्जित अनुभवों के कारण विभाग की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उनका मार्गदर्शन वर्तमान कार्मिकों और नई पीढ़ी के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। महानिदेशक ने एसोसिएशन की ओर से पेंशनर्स के कल्याण और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
एसोसिएशन की गतिविधियों और स्मारिका के उद्देश्य पर चर्चा
संगोष्ठी में एसोसिएशन के महामंत्री आरसी उपाध्याय ने संगठन की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी। स्मारिका के संपादक वीके जैन ने ‘सेवा स्मृति’ की विषयवस्तु और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। एसोसिएशन के संरक्षक एसपी सिंह पुंढीर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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‘सेवा स्मृति’ के प्रकाशन का उद्देश्य सेवानिवृत्त कार्मिकों के अनुभवों, संस्मरणों और विभाग के प्रति उनके योगदान को संरक्षित करना तथा उन्हें वर्तमान और भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
समारोह में अपर महानिरीक्षक, कारागार प्रशासन धर्मेंद्र सिंह, उपमहानिरीक्षक कारागार डॉ. रामधनी, एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार राय, कार्यकारी अध्यक्ष शरद कुलश्रेष्ठ सहित संगठन के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।








