हाईलाइट्स
- एक सप्ताह से आधा दर्जन से अधिक गांवों में जारी है राहत अभियान
- दवा, राशन और पका हुआ भोजन पहुंचाकर लोगों की मदद कर रही टीम
लखनऊ। बाढ़ की त्रासदी झेल रहे परिवारों के लिए एरा विश्वविद्यालय और एराज लखनऊ मेडिकल कॉलेज की टीम लगातार राहत का सहारा बन रही है। जलभराव के कारण घरों में फंसे लोगों तक नाव के जरिए खाने-पीने का सामान, दवाएं, ओआरएस और सोलर लाइट पहुंचाई जा रही हैं।
बाढ़ में डूबे घर, ठप बिजली, नाव से जरूरतमंदों तक मदद पहुंचा रहा राहत
पिछले एक सप्ताह से चल रहे इस अभियान के तहत आधा दर्जन से अधिक गांवों और बस्तियों में जरूरतमंदों की मदद की जा रही है। बुधवार को भी टीम ने बरावन कलां के सैथा गांव और गोमतीकुंज कॉलोनी समेत अन्य प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री वितरित की।
बाढ़ के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित है और घरों में पानी भरा होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऐसे में एरा विश्वविद्यालय की टीम नाव पर राहत सामग्री लेकर प्रभावित परिवारों के दरवाजे तक पहुंच रही है।
इसमें दाल, चावल, पीने का पानी, बिस्कुट, मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती, दवाएं, सोलर लाइट और तैयार भोजन के पैकेट शामिल हैं। राहत सामग्री मिलने से प्रभावित परिवारों को मुश्किल हालात में कुछ सहारा मिल रहा है।
सैथा गांव में अब भी पानी में डूबे हैं कई घर
बुधवार सुबह एरा विश्वविद्यालय की सहायता टीम सबसे पहले बरावन कलां के सैथा गांव पहुंची। यहां अब भी दर्जनों घर पानी में डूबे हुए हैं।
बाढ़ के चलते लोगों के सामने भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती बनी हुई है। टीम ने नाव के जरिए प्रभावित परिवारों तक राशन, पीने का पानी और पूड़ी-सब्जी के पैकेट पहुंचाए। इसके साथ ही जरूरतमंदों को सोलर लाइट भी दी गई।
सैथा गांव निवासी प्रेम पाल ने बताया कि बाढ़ के कारण बिजली आपूर्ति ठप है। रात होते ही घरों में अंधेरा छा जाता है। ऐसे में सोलर लाइट मिलने से कम से कम घर के एक कमरे में रोशनी की व्यवस्था हो सकेगी। राहत सामग्री मिलने पर ग्रामीणों ने टीम के प्रति आभार जताया।
राहत अभियान में मोहम्मद तसव्वुर अली हाशमी, एमएसडब्ल्यू (आरएसटीसी), प्रशासनिक अधिकारी हसरत अली और मेडिकल टीम के सदस्य शामिल रहे।
अंकल, मेरी बहन के लिए भी एक पैकेट दे दीजिए’
सैथा गांव में राहत सामग्री बांटने के दौरान एक छोटी बच्ची की बात ने सभी का ध्यान खींचा। टीम के पहुंचते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के बीच भोजन के पैकेट बांटे जा रहे थे।
इसी दौरान करीब पांच साल की एक बच्ची ने टीम के सदस्य से कहा कि उसके घर में बड़ी बहन भी है, इसलिए उसे भी पूड़ी-सब्जी का एक पैकेट दे दिया जाए।
बच्ची की इस मासूम गुजारिश पर टीम ने उसे भोजन के साथ राशन और अन्य जरूरी सामान भी दिया। बाढ़ के बीच परिवार के हर सदस्य की चिंता करती बच्ची की इस बात ने राहत अभियान के मानवीय पक्ष को सामने रखा।
गोमतीकुंज कॉलोनी में भी नाव से पहुंचाई मदद
सैथा गांव में राहत सामग्री वितरित करने के बाद टीम बरावन कलां स्थित गोमतीकुंज कॉलोनी पहुंची। यहां भी जलभराव के कारण लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित है। कई घरों में पानी घुसने से परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
प्रभावित परिवारों की स्थिति की जानकारी मिलने पर टीम नाव में राहत सामग्री लेकर उनके घरों तक पहुंची। खाने-पीने के सामान और अन्य जरूरी वस्तुएं मिलने से लोगों को राहत मिली। टीम ने बाढ़ में फंसे जानवरों के लिए भी भोजन का इंतजाम किया और उन्हें बिस्कुट खिलाए।
एक सप्ताह से जारी है राहत अभियान
एरा विश्वविद्यालय और एराज लखनऊ मेडिकल कॉलेज की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में पिछले कई दिनों से लगातार सहायता पहुंचाई जा रही है। अभियान के तहत लड्डू चौराहा, मामा कॉलोनी, दाउदपुर, सैथा और आसपास के अन्य प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों को भोजन, राशन, दवाएं और ओआरएस उपलब्ध कराया जा रहा है।
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रविवार और सोमवार को भी टीम ने लड्डू चौराहा, मामा कॉलोनी और दाउदपुर में राहत सामग्री वितरित की थी। प्रभावित इलाकों में जलभराव और बिजली की समस्या को देखते हुए यह अभियान जारी रखा गया है, ताकि बाढ़ से जूझ रहे परिवारों तक उनकी जरूरत का सामान पहुंच सके।













